बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डॉ. गीता खन्ना ने आईटी पार्क के नजदीक स्थित जोश डिफेंस एकेडमी का औचक निरीक्षण किया। वहां पाया कि अपना निजी भवन नहीं है। यह किराये के भवन में संचालित की जा रही है। अधिकारियों को भवन का लीज डीड भी नहीं दिखाया। एकेडमी में आग से बचने के कोई इंतजाम भी पूरे नहीं थे। बच्चों की फिजिकल ट्रेनिंग के लिए एकेडमी में मैदान की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
डॉ. गीता ने बताया कि कोचिंग में फीस से संबंधित कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके अलावा, किसी भी शिक्षक के दस्तावेज पूरे नहीं थे। कोचिंग का रजिस्ट्रेशन नहीं दिखाया गया। बच्चों को पता नहीं थी कि कितनी फीस ली जाती है। डॉ. गीता ने बताया कि कोचिंग के लिए कोई पॉलिसी नहीं है। इसलिए कुछ कार्रवाई नहीं हो पाती है, लेकिन अब जल्द पॉलिसी बनेगी। बाल आयोग की ओर से इसके लिए शासन को प्रस्ताव दिया गया है। पॉलिसी बनने के बाद इस तरह की कोचिंग कानून का उल्लंघन नहीं कर पाएंगी। टीम में अपर सिटी मजिस्ट्रेट मायाराम जोशी, थानाध्यक्ष नवीन जोशी, बाल आयोग से ममता राधाण, विशाल आदि मौजूद रहे।