पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस सीट से एनडी तिवारी तीन बार सांसद रह चुके हैं। एक बार राम लहर के दौर में उन्हें बलराज पासी से हार का सामना करना पड़ा था।
सपा ने की तिवारी को पेशकश
सपा ने तो पूर्व मुख्यमंत्री के सामने इस सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश भी कर दी है। हालांकि, तय तिवारी को करना है कि वह चुनाव लड़ेंगे या नहीं।
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कोई भी कदम उठाने से पहले एनडी तिवारी नैनीताल-ऊधमसिंह नगर की जनता की राय लेना चाहते हैं। इसके लिए वह 20 मार्च को नैनीताल आ रहे हैं। यहीं से उनके कुमाऊं दौरे की भी शुरुआत होगी।
इस सीट पर है तिवारी का रुतबा
कांग्रेस में यदि कद्दावर नेताओं की गिनती की जाए तो पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी का नाम आने में बहुत देर नहीं लगेगी।
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1952 में काशीपुर से चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचे एनडी तिवारी की एक बार फिर लौटने की सुगबुगाहट से ही बड़े-बड़े नेताओं के पसीने छूट रहे हैं क्योंकि एनडी तिवारी का इस सीट पर रुतबा ही ऐसा रहा है।
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तीन बार उत्तर प्रदेश और एक बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे एनडी तीन बार नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सीट से सांसद भी रहे हैं।
प्रदेश में उनकी मान्यता इसी बात से लगाई जा सकती है कि अब तक बने आठ मुख्यमंत्रियों में वह ऐसे इकलौते सीएम हैं जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया।
इस शर्त पर बसपा भी देगी समर्थन
एनडी तिवारी के ओएसडी भवानी भट्ट कहते हैं कि आज भी जनता चाहती है कि तिवारी चुनाव मैदान में उतरें।
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सपा और बसपा ने भी पेशकश की है कि यदि श्री तिवारी बतौर निर्दलीय उम्मीदवार उतरते हैं तो दोनों दल अपना प्रत्याशी खड़ा नहीं करेंगे।
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भट्ट कहते हैं कि हमने भी उनसे चुनाव मैदान में उतरने की अपील की है। इसके बाद तिवारी जनता की रायशुमारी के लिए तैयार हुए हैं।
20 मार्च को वह नैनीताल पहुंचकर लोगों से मिलेंगे और चुनाव लड़ने के बारे में भी बात की जाएगी।