पूर्व सीएम नारायण दत्त तिवारी के नैनीताल-ऊधमसिंहनगर लोकसभा चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ने के ऐलान ने कांग्रेस हाईकमान के साथ ही प्रदेश कांग्रेस को भी बेचैन कर रखा है।
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उत्तराखंड की इस सीट पर सियासी समीकरण गड़बड़ाने की आशंका को देखते हुए हाईकमान ने तिवारी को मनाने का जिम्मा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मोती लाल बोरा को सौंप दिया है।
निर्णय बदलने का आग्रह
तिवारी के पारिवारिक सूत्रों की मानें तो हाईकमान ने उनसे संपर्क साधने के साथ ही पार्टी में उचित सम्मान देने की बात कह अपने निर्णय को बदलने का आग्रह किया है।
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जिसे देखते हुए तिवारी ने भी अगले दौर की वार्ता तक कुछ नरमी दिखाई है। दिन तक तिवारी का नामांक न पत्र भरने को लेकर तैयारी चल रही थी कि तभी दिल्ली से मोती लाल बोरा का फोन आया।
पार्टी को मजबूती प्रदान करने को कहा
उन्हें फोन पर बोरा ने सबसे तजुर्बे वाला और समर्पित नेता बताते हुए पार्टी को मजबूती प्रदान करने का आग्रह भी किया है।
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नैनीताल सीट 2004 से कांग्रेस के पास है और इस बार भी सिटिंग एमपी केसी सिंह बाबा को ही टिकट मिला है। ऐसे में इस सीट पर तिवारी के मैदान में उतरने की घोषणा ने कांग्रेस के लिए आफत खड़ी कर रखी है।