शनिवार से चैत्र मास के नवरात्रों की शुरुआत हो जाएगी। इसके लिए दून के मंदिर विशेष रूप से सजाए गए हैं।
पहले दिन सभी जगह देवी के शैलपुत्री स्वरूप का पूजन किया जाएगा। इसके साथ ही नवरात्र के पहले दिन से हिंदुओं के नव वर्ष (नव संवत्सर 2072) की भी शुरुआत हो जाएगी। संवत्सर की पूर्व संध्या से ही लोग एक-दूसरे को बधाई देने लगे थे।
नवरात्र के सभी दिन देवी का विशेष अभिषेक और श्रृंगार किया जाएगा। हर दिन देवी को अलग-अलग रूपों में सजाया जाएगा। पहले दिन शहर के सभी मंदिरों में देवी का श्रृंगार शैलपुत्री स्वरूप में होगा। सुबह और शाम देवी की विशेष पूजा के साथ ही भजन-कीर्तन किए जाएंगें। माता वैष्णों देवी गुफा मंदिर में दुर्गा शप्तशती का पाठ किया जाएगा।
पटेलनगर स्थित श्री श्याम सुंदर मंदिर में सुबह-शाम भजन-कीर्तन किए जाएंगें। कालिका माता मंदिर में दुर्गानुष्ठान आदि कार्यक्रम होंगे। इसके साथ ही राधा-कृष्ण मंदिर, पंचायती मंदिर सभी जगहों पर देवी का पूजन होगा।
दिया जाएगा बेटी बचाने का संदेश
श्री पृथ्वीनाथ मंदिर की ओर से पूरे नवरात्र बेटी बचाए जाने का संदेश दिया जाएगा। इस मौके पर मंदिर में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के पोस्टर-बैनर लगाए जाएंगें। कन्या पूजन के साथ ही लोगों को यह संदेश भी दिया जाएगा। इसके साथ ही सुबह-शाम मंदिर में विशेष पूजन किया जाएगा।
किया गया दीपदान
नव संवत्सवर 2072 की पूर्व संध्या पर लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी। इस मौके पर माता वैष्णों देवी गुफा मंदिर की ओर से गांधी पार्क में सामूहिक दीपदान किया गया। कल्याणी जोशी ने सुंदर रंगोली बनाई।
इसके साथ ही नव संवत्सर का महत्व पंचाग के अनुसार बताया गया। कार्यक्रम में आचार्य बिपिन जोशी, डॉ. मथुरादत्त जोशी, भगवती देवी, गीता जोशी, निलेश थपलियाल, कार्तिक आदि उपस्थित थे।
इसके साथ ही मंदिरों में नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर विशेष पूजन किया गया। इसके साथ ही शनिवार को भी नव संवत्सर की पूजा की जाएगी।