उन्होंने बताया, समय-समय पर विद्यालय में अन्य शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियां भी संचालित की जाती है। इसके पीछे उद्देश्य है कि छात्रों को एक बेहतर मंच मिले और वे खुलकर सामने आए, जिससे उन्हें खुद पर विश्वास और भरोसा हो सकें। उन्होंने स्कूल की दीवार पर क्यूआर कोड के जरिए भी शिक्षा का मॉडल दिया है।
मेरे लिए मेरे परिवार से बढ़कर मेरा विद्यालय है। आज का दौर डिजिटल शिक्षा का दौर है, इसलिए चुनौती बहुत बढ़ गई है। हमें हर रोज अपडेट होना पड़ेगा। मुझे खुशी है कि मुझे हर स्तर पर सहयोग मिला।
-कुसुमलता, शिक्षिका