फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

National Herald Case: एआईसीसी प्रवक्ता अलका लांबा ने कहा- बीजेपी बौखला गई है, क्योंकि उसकी थ्री डी पॉलिसी है

Mon, 13 Jun 2022 09:42 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

एआईसीसी की प्रवक्ता अलका लांबा ने कहा कि देश को मुद्दों से भटकाने, मुद्दों को झूठे रूप में पेश करने और जो मुद्दा नहीं, उसे नए रूप में पेश करने की पॉलिसी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेशनल हेराल्ड अखबार के अस्तित्व की लड़ाई के लिए संघर्ष करेगी।
विज्ञापन
पत्रकारवार्ता में अलका लांबा और करण माहरा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड के मामले में केंद्र की मोदी सरकार पर देशवासियों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को नेशनल हेराल्ड केस में ईडी की ओर से जारी समन के विरोध में कांग्रेस ने देशभर में प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी बात रखी।
विज्ञापन


प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में एआईसीसी की प्रवक्ता अलका लांबा ने आरोप लगाया कि बीजेपी और केंद्र सरकार की ओर से झूठ और भ्रम का जाल बुना गया है, बीजेपी बौखला गई है क्योंकि उसकी थ्री डी पॉलिसी है, वह है डायवर्ट, डिस्ट्रेक्ट और डिस्टॉर्ट।

जिसमें देश को मुद्दों से भटकाने, मुद्दों को झूठे रूप में पेश करने और जो मुद्दा नहीं, उसे नए रूप में पेश करने की पॉलिसी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेशनल हेराल्ड अखबार के अस्तित्व की लड़ाई के लिए संघर्ष करेगी। कांग्रेस नेता ईडी दफ्तर के बाहर बैठकर बीजेपी की ओर से बुने गए सारे झूठ का ताना बाना देश को बताएंगे। प्रेसवार्ता में प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, उपाध्यक्ष संगठन मथुरादत्त जोशी, मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि, लालचंद शर्मा, संजय किशोर, दीप बोहरा, पूरण रावत, विजयपाल रावत आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

आरोपों को सिद्ध करके दिखाएं : लांबा

लांबा ने कहा कि कांग्रेस ने वर्ष 2002-11 के दौरान लगभग सौ किस्तों में अखबार को 90 करोड़ रुपये का ऋण दिया था। इस राशि में से 67 करोड़ रुपये कर्मचारियों के वेतन और वीआरएस का भुगतान करने के लिए उपयोग किया गया। बाकी की राशि का इस्तेमाल बिजली शुल्क, गृह कर, किरायेदारी शुल्क और भवन व्यय आदि जैसी सरकारी देनदारियों के भुगतान के लिए किया गया।

भाजपा के जो लोग नेशनल हेराल्ड को दिए गए इस ऋण को अपराधिक कृत्य के रूप में मान रहे हैं, ऐसा वह विवेकहीनता और दुर्भावना से ग्रसित होकर कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की ओर से ऋण देना देश के किसी भी कानून के तहत आपराधिक कृत्य नहीं है। 

उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड को दिया गया 90 करोड़ रुपये का ऋण नेशनल हेराल्ड और उसकी मूल कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की ओर से चुकाना संभव नहीं था। इसलिए इस ऋण को एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के इक्विटी शेयरों में परिवर्तित कर दिया गया था। क्योंकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इक्विटी शेयरों का स्वामित्व अपने पास नहीं रख सकती थी, इसलिए इस इक्विटी को सेक्शन-25 के तहत स्थापित ‘यंग इंडियन’ नामक नॉट फॉर प्रॉफिट कंपनी को आवंटित कर दिया गया।

ये भी पढ़ें...Accident:  अनियंत्रित होकर 100 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, एक ही परिवार की चार महिलाओं ने तोड़ा दम

इसमें अगर किसी तरह का घालमेल किया गया होता तो केंद्र में पिछले आठ साल से भाजपा की सरकार है, अब तक वह बड़ी कार्रवाई कर चुकी होती है। लांबा ने कहा कि अगर कहीं भी कुछ गलत है तो केंद्र सरकार के पास दो साल का और समय है, वह अपने आरोपों को सिद्ध करके दिखाए। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें