उत्तराखंड के दो बहादुर बच्चों को उनके अदम्य साहस और जज्बे के लिए राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। अपनी जान पर खेलकर दूसरों को बचाने वाले रामनगर (नैनीताल) के आठवीं कक्षा के छात्र सनी और पिथौरागढ़ के मोहित चंद्र उप्रेती का चयन भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली की ओर से राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार 2020 के लिए किया गया है।
उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद की महासचिव पुष्पा मानस के मुताबिक राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मोतीमहल रामनगर के आठवीं कक्षा के छात्र सनी ने 9 अगस्त 2020 को उफनती कोसी नदी में डूब रहे अपने से दोगुनी उम्र के युवक को बचाया था।
उक्त युवक ने कोसी बाईपास पुल से नदी में छलांग लगा दी थी। इस दौरान वहां मौजूद लोग वीडियो बना रहे थे, लेकिन आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले 12 वर्षीय सनी ने नदी में कूदकर डूब रहे युवक की जान बचाई। जबकि पिथौरागढ़ जिले के न्यू सेरा निवासी मोहित चंद्र उप्रेती ने 14 फरवरी 2016 को गुलदार से क्षेत्र के लोगों को बचाया था।
उस दौरान 14 वर्षीय मोहित 9वीं कक्षा के छात्र थे। बताया गया कि जकीय बालिका इंटर कालेज गेट के पास एक गुलदार नजर आया था। इससे पहले की वह क्षेत्र के लोगों पर झपटता, मोहित ने अपने पास पड़ी दरी को गुलदार पर डालकर उसे पकड़ लिया। इस घटना के दौरान आस पास बच्चे एवं अन्य लोग भी मौजूद थे।
इस घटना के दौरान मोहित घायल भी हो गए थे। हालांकि यह मामला पुराना है, लेकिन अपवाद स्वरूप इसे विशेष श्रेणी में लेते हुए पुरस्कार के लिए चुना गया है। पुष्पा मानस ने बताया कि सनी और मोहित को भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली द्वारा सम्मानित किया जाएगा। उत्तराखंड में इन दोनों छात्रों सहित अब तक लगभग 14 बहादुर बच्चों का चयन राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए हो चुका है।