उत्तराखंड में प्रचार अभियान के अंतिम दौर में एक दिन में मोदी की चार बड़ी जनसभाओं ने कांग्रेस के रणनीतिकारों को सतर्क और चुनौती दी है।
खासकर तब जब अगले दिन ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को रुड़की केउसी लीथो प्रेस ग्राउंड में आना है जो मोदी की रैली में छोटा पड़ गया।
कांग्रेस के लिए हरिद्वार संसदीय सीट का रुड़की इलाका सबसे अहम रहा है। मोदी की रैली में आई भीड़ वोट में ना बदले इसे रोकने की तैयारी शुरू हो गई।
सोनिया की रैली में हरीश दिखाएंगे दमखम
हरिद्वार सीट सीधे तौर पर मुख्यमंत्री हरीश रावत से जुड़ी हुई है। लिहाजा मोदी की रैली के तुरंत बाद ही सोनिया की रैली में दमखम दिखाने के लिए रावत ब्रिगेड जुट गई थी।
हरिद्वार की जनता में कम से कम यह मैसेज कतई ना जाए कि सोनिया की जनसभा कमजोर रही। वहीं आने वाले दो दिनों में कांग्रेस का पूरा फोकस रुड़की और आसपास केक्षेत्रों में हैं।
जहां जनसम्पर्क तेज किया जा रहा है।
जहां मोदी ने जनसभाएं की उन जगहों पर फोकस
मोदी की रैली के पहले कांग्रेस नेता प्रदेश में अगर किसी सीट को सबसे अधिक मजबूत मान रहे थे वह हरिद्वार थी।
कांग्रेस को अब लगता है कि जो मेहनत लगातार हो रही थी उसे वोट में बदलने का समय आ गया है इसलिए छोटी सी चूक भी नुकसान कर सकती है।
कांग्रेस उम्मीदवार रेणुका रावत के साथ साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का भी फोकस अब उन्हीं गांवों की ओर से है जहां से बड़ी संख्या में लोग ट्रैक्टर में सवार होकर आए थे।
हरिद्वार के अलावा अन्य सीटों पर मोदी फैक्टर को कम करने के लिए पार्टी नेता उन जगहों पर फोकस कर रहे हैं जहां मोदी ने जनसभाएं की हैं।