2700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित नामिक गांव से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नामिक ग्लेशियर की बर्फ इस बार बहुत कम हो गई है। इसकी वजह यह है कि अक्तूबर से इस ग्लेशियर में हिमपात नहीं हुआ।
बर्फ की लाइन सिकुड़ती जा रही है। लोग इसी प्रतीक्षा में हैं कि यदि इस माह के अंत तक हिमपात हो जाए तो ग्लेशियर फिर से अपने पुराने स्वरूप में आ जाएगा।
नामिक ग्लेशियर से रामगंगा का उद्गम होता है। इस बार अक्तूबर से बारिश और बर्फबारी की रफ्तार थम सी गई है। इस कारण नामिक गांव के लोग चिंता में हैं। ग्लेशियर से कई छोटे स्रोत भी निकलते हैं।
उसके पानी से नामिक गांव के लोगों के खेतों को पानी मिलता है। नामिक निवासी भगवान सिंह, पूर्व प्रधान तुलसी देवी ने कहा कि पिछले साल तक नवंबर में हिमपात हो जाता था और नामिक ग्लेशियर लबालब भर जाता था। इस बार स्थिति अलग है।