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उत्तराखंडः लाठी से महिलाओं ने समझाया ‘शराब है खराब’

Sun, 07 Dec 2014 01:01 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, गुप्तकाशी/ गोपेश्वर/ उत्तरकाशी/ टिहरी
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‘सूर्यास्त- पहाड़ मस्त’ का जुमला खारिज करने के लिए उत्तराखंड की महिलाओं ने कमर कस ली है। पुरुषों की शराबखोरी पर लगाम लगाने के लिए इन्होंने लाठियां थामी और जरूरत पड़ने पर शराबियों की पिटाई भी की।
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अब इनकी मुहिम का असर भी दिख रहा है। कई गांव अब शराबियों की खराबियों से मुक्त हो चुके हैं। उत्तराखंड के गुप्तकाशी में करीब तीन सौ परिवारों वाले नारायणकोटी गांव की महिलाओं ने शराबबंदी को लेकर जो मुहिम छेड़ी, उसके कारण अब यहां कोई शराब नहीं पीता।

ये एकजुट होकर शाम को शराबियों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए पूरे गांव की रेकी करती हैं। इन्होंने तय किया कि पहली बार शराब पीते पकड़ जाने पर महिला मंगल दल पांच हजार रुपए का जुर्माना व माफीनामा लेगा। लेकिन दूसरी बार सामाजिक बहिष्कार के साथ पुलिस को भी सौंपा जाएगा।
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महिलाओं ने लिया शराबबंदी का संकल्प

करीब सात-आठ सालों में शराब से गांव के दो लोगों की मौत हो गई थी। उस समय भी कुछ लोगों ने शराब का विरोध किया लेकिन यह ज्यादा दिन तक नहीं चल सका। कई साल बाद महिलाओं ने गांव में पूर्णरूप से शराबबंदी का संकल्प लिया।

इसके लिए महिला मंगल दल अध्यक्ष शीलावती धनाई और ग्राम प्रधान जमुना देवी पुजारी ने सभी महिलाओं को संगठित कर रेकी टीम बनाई। इस टीम में सुलेखा देवी, नर्मदा रावत, बैशाखी देवी, सुशीला राणा सहित अन्य महिलाएं शामिल हैं।

उत्तरकाशी के भटवाड़ी ब्लाक के टकनौर क्षेत्र के कई गांवों में महिलाओं ने आठ सदस्यीय समिति गठित कर शराब विरोधी अभियान चला रखा है। वह शादी में शराब परोसने का विरोध करने के साथ नशे से होने वाले नुकसान के बारे में भी बता रही हैं।

शराबियों के हुड़दंग से मिली मुक्ति

फलस्वरूप उत्तराखंड के कई गांवों में शराब का प्रचलन बंद हो गया है। इसी ब्लाक के कमद, कुमारकोट, ठांडी, बागी, भडकोट, मानपुर लक्षेश्वर बाडाहाट तथा चिन्यालीसौड़ ब्लाक की बचनौरा क्षेत्र की महिलाओं ने भी नशामुक्ति अभियान चलाने के लिए समिति बनाई है।

टिहरी के थौलधार ब्लाक में नगुण पट्टी के गांव भरदार तिरछा में अगस्त में दो शराबी हुड़दंग मचा रहे थे। रोज-रोज के ऐसे किस्सों से परेशान पत्नियों ने उन्हें रस्सी से बांध दिया। प्रत्येक पर पांच सौ रुपए का जुर्माना लेने के बाद उन्हें छोड़ा गया।

इसके बाद महिला मंगल दल की अध्यक्ष उषा पंवार, सरोजनी, उमा, पार्वती , रेखा, जशोदा आदि महिलाओं ने पंचायत कर शराब पीने पर पांच सौ जुर्माना और सामाजिक बहिष्कार का निर्णय लिया। इसके बाद से शराबियों के हुड़दंग का कोई मामला सामने नहीं आया।

गोपेश्वर के समीप पाडुली गांव की महिलाओं ने भी शराब पीकर उत्पात मचाने वालों से जुर्माना वसूलने का निर्णय लिया है। महिलाओं ने बीते नवंबर में रात्रि पहरे की योजना बनाई थी। एक माह में ही इसका असर दिखाई देने लगा है। पाडुली के समीप करीब सात गांव हैं जिनको शराबियों के हुड़दंग से काफी हद तक मुक्ति मिल गई है।
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ये हुआ असर...

गुप्तकाशी के नारायणकोटी गांव में महिला मंगल दल के नेतृत्व में शराबंबदी को लेकर 12 नवंबर से अभियान शुरू किया। यह दल हर रोज शाम को गांव से लेकर स्थानीय बाजार की रेकी कर रहा है।

शादी-विवाह में रात के 10 बजे तक ये डंडा लेकर गश्त करती हैं। अब तक ये चार-पांच शराबियों की पिटाई भी कर चुकी हैं।

गोपेश्वर के समीप पाडुली गांव की महिलाओं ने अब शराब के विरोध में रात में पहरा देना शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में एक माह के भीतर तीन शादी समारोह हुए लेकिन किसी भी समारोह में शराब नहीं परोसी गई और न आम रास्तों और गांव में कोई शराब पीकर झूमता दिखाई दिया।

उत्तरकाशी के भटवाड़ी ब्लाक के टकनौर क्षेत्र की महिलाओं ने शराब विरोधी अभियान के लिए आठ सदस्यीय समिति गठित कर रखी है। यह समिति कई सालों से क्षेत्र में शराब विरोधी अभियान चलाए हुए हैं। फलस्वरूप क्षेत्र के कई गांवों में शराब का प्रचलन बंद हो गया है।

टिहरी के थौलधार ब्लाक में ग्राम पंचायत भरदार तिरछा में महिलाओं का शराबबंदी आंदोलन रंग लाया है। इन्होंने पंचायत कर शराबियों पर पांच सौ रुपये का जुर्माना लगाने और उसका सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया। इसके बाद गांव में अभी तक किसी भी विवाह समारोह या कार्यक्रम में कॉकटेल पार्टी नहीं हुई।

गांव के बच्चे भी शराब के नशे में रहते थे। शाम को महिलाओं का घरों से बाहर निकलना मुश्किल था। मैंने ग्राम प्रधान व महिलाओं से बातचीत कर संगठन तैयार किया। हमने पूर्ण शराबबंदी का संकल्प लिया है।
- शीलावती धनाई, अध्यक्ष महिला मंगल दल, नारायणकोटी गांव

शराबियों को पकड़कर जुर्माना वसूलने के बाद गांव में पांच-छह विवाह समारोह हुए हैं, लेकिन कहीं भी कॉकटेल पार्टी नहीं हुई है।
- वीरेंद्र पाल, पूर्व प्रधान, भरदार तिरछा गांव
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