सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 1981 के जुलाई में झील का जलस्तर 9.5 फीट, 1982 में 10 फीट, 1986 में 9.9 फीट, 1989 में 10 फीट, 1990 में 9.58 फीट, 1992 में 9.87 फीट और 1993 में 9.72 फीट रिकार्ड हुआ था।
2011 के जुलाई में खुले थे गेट
विभागीय अधिकारियों के अनुसार इससे पहले वर्ष 2011 में 29 जुलाई को झील के गेट खोले गए थे। तब नगर में रिकॉर्ड बारिश हुई थी। तीन मई से एक जुलाई के बीच झील का जलस्तर शून्य से नीचे रहा था लेकिन 29 जुलाई को यह 8.7 फीट पहुंच गया था। इस कारण विभाग को गेट खोलने पड़े थे।
जब मॉल रोड में आ गया था झील का पानी
इससे पहले 15 अगस्त 2012 को नैनीझील का पानी मॉल रोड के स्तर पर आ गया था। पांच सितंबर 2018 को भी नैनीझील का स्तर यहां लगाए गए 12 फीट के पैमाने से भी करीब 2 इंच बढ़कर तल्लीताल में मॉल रोड पर आ गया था।
झील के गेट खोलने का कलेंडर
झील से पानी की निकासी के लिए ब्रिटिश समय से ही बाकायदा कलेंडर बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार जून में झील का जलस्तर 7.5 फीट होने पर, जुलाई में 8.5 फीट, अगस्त में 11 फीट और सितंबर में 12 फीट होने पर गेट खोले जाते हैं।