चौथे अस्पताल ने उनकी हालत को देखते हुए अस्पताल में इंट्री दी, मगर हालत बिगड़ने पर उन्हें बरेली ले जाने की सलाह दी गई। सोमवार शाम बरेली जिले के भोजीपुर अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। मंगलवार शाम को शव को पाटी लाया गया। दिवंगत मौनी का बुधवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। पैरा लीगल वॉलंटियर मौनी पूर्व व्यापार मंडल उपाध्यक्ष और रामलीला कमेटी के संरक्षक भी थे।
108 सेवा न मिलने से इस माह पहले भी हो चुकी है दो मौतें
आपात सेवा 108 एंबुलेंस में इस माह इससे पहले भी दो मौतें हो चुकी हैं। चंपावत में 108 सेवा नहीं मिलने से 11 जुलाई के तड़के ड़डा बिष्ट की बुजुर्ग पार्वती देवी की जिला अस्पताल में ही मौत हो गई थी, जबकि दूसरी मौत जिला अस्पताल से निजी वाहन से 13 जुलाई को हायर सेंटर को ले जाते वक्त नरी देवी की हुई। तब सेवा न मिलने का कारण एंबुलेंस के टायर न होना बताया गया था।
सामान्य रूप से हायर सेंटर रेफर होने पर जिला अस्पताल लाया जाता है, लेकिन मरीज की हालत खराब होने पर 108 एंबुलेंस को सीधे हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल भेजा जाता है। पाटी क्षेत्र के काफी मरीजों को हल्द्वानी भेजा भी गया है। सोबन सिंह मौनी प्रकरण में एंबुलेंस ने क्यों इंकार किया, इसकी पड़ताल की जाएगी।
-भास्कर शर्मा, जिला समन्वयक, आपात सेवा 108 चंपावत।