नैनीताल में पार्किंग और होटल, गेस्ट हाउस में बुकिंग फुल होने की वजह से पर्यटकों को लौटाया जा रहा है। जिन यात्रियों की पहले से बुकिंग है, केवल उन्हें ही नैनीताल जाने दिया जा रहा है। शुक्रवार को करीब 700 वाहनों को लौटाया गया। झूठ बोलकर हल्द्वानी तक पहुंचे वाहनों को काठगोदाम से लौटा दिया गया।
चार दिन के अवकाश के बाद नैनीताल की सभी स्थायी, अस्थायी पार्किंग के साथ-साथ होटल और गेस्ट हाउस फुल हैं। बिना बुकिंग वाले यात्री नैनीताल की सैर नहीं कर सकेंगे। केवल बुकिंग वाले वाहनों को ही मोतीनगर तिराहे से पंचायत घर तिराहा की ओर डायवर्ट कर कालाढूंगी के रास्ते नैनीताल भेजा जा रहा है।
पहले दिन की सख्ती के चलते पंचायत घर से करीब 400 से 500 वाहन और काठगोदाम से करीब 200 वाहनों को लौटाया गया। एसपी ट्रैफिक जगदीश चंद्र ने बताया कि यह व्यवस्था केवल पीक दिनों में यातायात को नियंत्रित करने के लिए है। सोमवार से शुक्रवार के बीच यह व्यवस्था लागू नहीं रहेगी। संवाद
झूठ बोलकर काठगोदाम तक पहुंच रहे लोग
पंचायत घर तिराहे पर पूछताछ के समय कई लोग खुद को स्थानीय बताकर काठगोदाम तक पहुंच गए। सख्ती देख कुछ वाहन चालकों ने तो कुमाऊंनी बोलना भी शुरू कर दिया। ड्यूटी पर तैनात स्पेशल ऑप्स सेल प्रभारी नितिन लोहनी ने बताया कि खुद को स्थानीय बताने वालों के आईडी कार्ड चेक किए गए। इसके बाद स्टीकर लगाकर ही उन्हें हल्द्वानी की ओर भेजा गया। जिन पर्यटकों को मौके पर ही ऑनलाइन बुकिंग मिल गई उन्हें नैनीताल की ओर जाने दिया।
मौके पर की ऑनलाइन बुकिंग
पंचायत घर चौराहे पर रोके जाने पर सैलानी परेशान हो गए। ऐसे में कई पर्यटकों ने ऑनलाइन माध्यम से होटलों में कमरे खंगाले और कहीं भी कमरा मिलने पर उसे तुरंत बुक कर लिया। इसके बाद बुकिंग दिखाकर वे नैनीताल का रुख कर पाए। हालांकि ऐसे लोगों की संख्या कम ही थी।
- पुलिस से भी हुई कहासुनी : बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने पर पुलिस ने जब सख्ती दिखाई तो कुछ यात्रियों में गुस्सा भी दिखाई दिया और कहासुनी भी हुई।