नैनीताल हाईकोर्ट ने लोक सेवा आयोग को पीसीएस साक्षात्कार के लिए एक पद के सापेक्ष नियमानुसार तीन गुना अभ्यर्थियों को बुलाने के निर्देश दिए हैं।
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साथ ही न्यायालय ने कहा है कि जो परीक्षा परिणाम में त्रुटि हुई है उसे सही करें। पूर्व में कोर्ट ने 10 मार्च को आदेश पारित कर लोक सेवा आयोग की ओर से कराएं गए पीसीएस भर्ती के लिए साक्षात्कार के बाद की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
मुख्य न्यायाधीश बारिन घोष एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
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हरिद्वार निवासी रविराज सिंह और अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि लोक सेवा आयोग की ओर से 2010 में पीसीएस भर्ती के लिए विज्ञप्ति निकाली गई थी।
इसकी लिखित परीक्षा का परिणाम 2014 में घोषित किया गया। याचिका में कहा कि नियमत: रिक्त पदों के सापेक्ष तीन गुना अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए था, लेकिन आयोग ने बहुत कम अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया।
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पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने लोक सेवा आयोग को पीसीएस साक्षात्कार के लिए एक पद के सापेक्ष नियमानुसार तीन गुना अभ्यर्थियों को बुलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही न्यायालय ने कहा है कि जो परीक्षा परिणाम में त्रुटि हुई है उसे सही करें।