ये छूट सरकार ने इसलिए दी ताकि वाहनों के प्रदूषण की जांच कराने का कुछ समय मिल सके और चाइल्ड सीट बेल्ट को लेकर लोगों में जागरूकता आ सके। शासन ने इन दोनों धाराओं में कंपाउंडिंग शुल्क एक नवंबर से वसूलने का फैसला किया था। शुक्रवार को यह समयसीमा खत्म हो जाएगी।
जेब पर भारी पड़ेगा कंपाउंडिग शुल्क
-ध्वनि और वायु प्रदूषण के अपराध में पहली बार पकड़े जाने पर 2500 रुपये कंपाउंडिंग शुल्क वसूला जाएगा। दूसरी और उसके बाद पकड़े जाने पर शुल्क दर पांच हजार रुपये हो जाएगी
- चाइल्ड सीट बेल्ट के अपराध में परिवहन विभाग 1000 रुपये कंपाउंडिंग शुल्क वसूलेगा
संभागीय कार्यालय पीयूसी संख्या
देहरादून 109
हल्द्वानी 27
हरिद्वार 26
अल्मोड़ा 04
बागेश्वर 08
कर्णप्रयाग 03
काशीपुर 20
कुल 197
नोट: परिवहन विभाग की वेबसाइट पर दर्ज जानकारी के अनुसार