विश्व धरोहर दिवस पर पांडुलिपियों के संरक्षण, जागरुकता और सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में टिहरी राज परिवार के महाराजा मनुजेंद्र शाह ने शिरकत की। इस मौके पर कई हस्तियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। शाह ने कहा कि हम सभी का कर्तव्य है कि अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति संवेदनशील बनें।
पालिका सभागार में विश्व धरोहर दिवस पर राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कल केंद्र संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, पुराना दरबार हाउस ऑफ आर्कियोलाजी एंड अकाईबल मैटीरियल कलेक्शन ट्रस्ट ने उत्तराखंड की पांडुलिपियों की प्रदर्शनी लगाई। मुख्य अतिथि महाराजा मनुजेंद्र शाह ने कहा कि उत्तराखंड सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक रूप से समृद्ध क्षेत्र है। हमारी सभ्यता और सांस्कृतिक धरोहरों को बचाए रखने के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए। पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि अपनी ऐतिहासिक धरोहर और गौरवशाली इतिहास से जुड़े दस्तावेजों के संरक्षण के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए। पांडुलिपि मिशन के श्रीधर बारिक ने कहा कि पांडुलिपियों के संरक्षण के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं, जिससे लोगों को अपनी धरोहरों के बारे जानकारी मिल सकें।
राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन उत्तराखंड के समन्वयक भवानी प्रताप सिंह ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों के आयोजनों की जरूरत है, जिसमें आमजनों को उनकी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया जा सकें। इस दौरान शाह ने कई हस्तियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। अंग्रेजी लेखक रस्किन बांड, स्टीफन ऑल्टर, बिल एटकींन, अभिनेता विक्टर बनर्जी को भी सम्मानित किया जाना था, लेकिन मौजूद नहीं थे। रस्किन बांड का सम्मान पूर्व सभासद कमल शर्मा को दिया गया। संचालन कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अर्चना डिमरी ने किया। इस मौके पर मदन मोहन मल्ला, राकेश अग्रवाल, रमेश भंडारी, सभासद दर्शन रावत, प्रताप पंवार, आरती अग्रवाल, जसोदा शर्मा, विजय रमोला आदि मौजूद रहे।
इनका हुआ सम्मान
प्रोफेसर गणेश सैली, गोपाल भारद्वाज, समीर शुक्ला, मुनीर सकलानी, डॉ. योगेबंर बर्थवाल, कुसुम रावत, विनोद कुमार, नवीन चंद्र त्रिपाठी, डॉ. लालता प्रसाद, एमपीजी कालेज के प्राचार्य डॉ. सुनील पंवार, परविंद्र रावत, अनुज तायल, अनिल चौधरी और एक्टिव मीडिया प्रेस क्लब।