बना सकते थे सिर्फ आवासीय और दो मंजिला मकान
1980 में पाबंदी लागू होने के बाद जो 1042 नक्शे पास किए गए, उनमें भी 513 नक्शे नोटिफाइड एरिया हैं। इनके लिए बड़ी दिक्कत होने वाली है। पाबंदी के अनुसार अन-नोटिफाइड क्षेत्र में आवासीय निर्माण कर सकते हैं, लेकिन 100 वर्ग मीटर में दो मंजिल से अधिक बड़ा मकान नहीं बना सकते। वहीं बाद में काफी क्षेत्र को फ्रीज जोन भी घोषित कर दिया गया। इस क्षेत्र में मात्र 100 वर्ग मीटर पर आवासीय निर्माण कर सकते हैं।
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1980 से पहले के निर्माणों को नहीं कोई दिक्कत
1980 से पहले के निर्माणों को कोई दिक्कत नहीं आने वाली है। इससे पूर्व नगर पालिका नक्शे पास करती थी। 1980 से पूर्व के होटलों और स्कूलों के निर्माणों को इसी के चलते मरम्मत और नक्शे की छूट मिलती है। मसूरी के लोगों का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट और पर्यावरण मंत्रालय के नियमों का पालन करते हुए भी सरकार को कोई रास्ता निकालना चाहिए। देवी गोदियाल कहते हैं, सरकार कोई नई नीति बनाकर रास्ता तलाशे। पुष्कर सिंह पटवाल के अनुसार कंपाउडिंग का विकल्प सरकार को देना चाहिए। संजय अग्रवाल कहते हैं, समाधान का प्रयास भी सरकार ही कर सकती है।
अभी सर्वे चल रहा है। सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद उसके अनुसार जो भी नीति उच्चस्तर पर बनाई जाएगी, उसका पालन कराया जाएगा। - एमएस बर्निया, सचिव, एमडीडीए