स्थानीय भूमिधरों के प्रतिनिधि अजय गोयल ने बताया कि जमीन का विवाद लंबे समय से चल रहा है। भूमि का दो बार सीमांकन हो गया है लेकिन रेलवे के अधिकारी सहयोग नहीं कर रहे हैं। कहा कि आयुक्त गढ़वाल मंडल की ओर से पत्र दाखिल किया जा चुका है कि सीमांकन और मुनारबंदी की जा चुकी है लेकिन इस पर रेलवे ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। आदित्य गुप्ता, अनुपमा ने कहा कि उनकी जमीन को रेलवे अपनी बता रहा है लेकिन जमीन के बारे में रेलवे के अधिकारियों के पास जानकारी नहीं है।
रेलवे और लोगों के बीच सीमांकन का विवाद है। दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी है कि रेलवे, नगर पालिका की मौजूदगी में फिर से सीमांकन किया जाएगा।
- विनोद जोशी, राजस्व निरीक्षक, राजस्व विभाग