फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

36 घंटे पूरे, क्या जवाब देगी दून पुलिस?

Sat, 13 Sep 2014 10:16 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
राजधानी देहरादून में सहायक कृषि अधिकारी के घर डकैती और बेटे की हत्या को 60 घंटे बीत गए हैं। घटना के खुलासे और बदमाशों की धरपकड़ के लिए सीएम हरीश रावत का दिया 36 घंटे का अल्टीमेटम भी खत्म होने जा रहा है।
विज्ञापन


पुलिस, एसओजी और एसटीएफ की छह टीमें बदमाशों कीं तलाश में दबिश दे रही हैं, लेकिन उनके हाथ अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। ऐसे में शनिवार को पुलिस जनता से लेकर सीएम तक को क्या जवाब देगी?

रायपुर थाना क्षेत्र के नकरौंदा स्थित सैन्य कालोनी में बुधवार तड़के पांच बदमाशों ने सहायक कृषि अधिकारी सुरेंद्र थपलियाल के घर धावा बोला था। डकैत सुरेंद्र के इकलौते बेटे अंकित (24) की हत्या कर 80 हजार रुपये और गहने लूट ले गए थे।
विज्ञापन

पुलिस के खिलाफ आक्रोश

अंकित की मौत और डकैती के बाद से स्थानीय लोगों में कानून व्यवस्था के संबंध में पुलिस के खिलाफ आक्रोश है।

बृहस्पतिवार को स्थानीय लोगों के हरिद्वार हाईवे जाम करने के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने घटना के खुलासे के लिए 36 घंटे का वक्त पुलिस को दिया था। लेकिन शुक्रवार रात तक पुलिस सुराग नहीं लगा सकी।

एसएसपी अजय रौतेला ने बताया कि एसओजी, रायपुर पुलिस के साथ चार इंस्पेक्टरों को डकैतों की खोजबीन में लगाया गया है। एसटीएफ की मदद ली जा रही है। शुक्रवार तक 150 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की गई, लेकिन अभी सुराग नहीं मिला है।
विज्ञापन

अफसरों को तबादले का डर

घटना के खुलासे में देरी से नकरौंदा क्षेत्र के लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। वहीं, जिला पुलिस अधिकारियों में मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद तबादले का डर बना हुआ है। यही वजह है कि पुलिस दिन-रात पसीना बहा रही है।

जेल से छूटे अपराधियों पर नजर
एसएसपी अजय रौतेला ने वारदात के संबंध में बृहस्पतिवार रात सुरेंद्र और परिजनों से बातचीत की। सुरेंद्र की तरफ से बालावाला और आसपास के डकैतों पर शक के बाद स्थानीय संदिग्धों से पूछताछ की गई है। एसएसपी ने बताया कि वेस्ट यूपी में हाल में जेल से छूटे पेशेवर अपराधियों पर भी पुलिस की नजर है। दो टीमें मुजफ्फनगर, सहारनपुर और बिजनौर में दबिश दे रही हैं।

प्रभारी बनाया, चौकी के लिए जगह नहीं
नकरौंदा में डकैती के बाद पुलिस चौकी खोलने की घोषण को गई है। एसआई कैलाश चंद्र भट्ट को चौकी प्रभारी बनाने के साथ एक हेड कांस्टेबल और दस कांस्टेबल नियुक्त किए गए हैं, लेकिन चौकी खोलने के लिए जगह नहीं मिली है। एसएसपी ने बताया कि कुछ लोग चौकी खोलने का विरोध करने लगे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें