कोसी, दाबका में अवैध खनन के खिलाफ छापा मारने गए उत्तराखंड वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी को डंपर से कुचलने का प्रयास किया गया।
हालांकि धामी ने अपने लाइसेंसी असलहे से हवाई फायर कर जैसे-तैसे अपनी जान बचाई। उनका कहना है कि अवैध रूप से खनन में लगे 70 डंपरों पर कार्रवाई की जाएगी।
हरीश धामी ने बताया कि वह बुधवार दोपहर मय फोर्स दाबका नदी में पहुंचे। यहां जाने से पहले उन्होंने पुल पर तीन वाहनों को चेकिंग के लिए रोका तो उनके पास रायल्टी नहीं मिली।
जिससे वह तीनों वाहनों के कागज, गाड़ियों की चाबियां अपने साथ लेकर दाबका में प्रवेश कर गए। उन्होंने बताया कि एक वाहन की चेकिंग की तो उसकी रायल्टी एक दिन पुरानी यानि मंगलवार सात अप्रैल की निकली। इसके बाद वह वापस दाबका की तरफ आए तो जिन डंपरों की चाबियां उनके पास थीं, वे डंपर मौके से गायब मिले।
डंपर को छोड़कर भाग निकला चालक
धामी ने इसकी सूचना एसडीएम एसएस जंगपांगी को देकर कार्रवाई करने की बात कही। फिर वह दाबका के बाद छोई गांव होते हुए कोसी नदी का रुख किया। जहां उनकी सिक्योरेटी में चल रही गाड़ी बंजारी द्वितीय गेट के पास फंस गई।
इसी बीच, उनके पीछे चल रहे सीओ, पुलिस बल एवं वन विभाग के लोग भी रुक गए और धामी कुछ दूरी पर अकेले पहुंच गए। जब तक उनके पीछे पुलिस प्रशासन महकमा पहुंचता तब तक एक डंपर उनकी ओर बढ़ने लगा जिसे देख धामी ने अपनी जान बचाकर एक हवाई फायर कर दिया। इससे कोसी में अफरा तफरी के साथ ही डंपरों के इधर-उधर भागने से धूल ही धूल हो गई।
सीओ मिथिलेश कुमार ने बताया जैसे ही हम मौके पर पहुंचे तो डंपर चालक डंपर को छोड़कर भाग निकला। उन्होंने बताया डंपर पुरेवाल स्टोन क्रेशर स्वामी दिलबाग सिंह का है। सीओ ने बताया कि धामी खुद इसके खिलाफ तहरीर देने की बात कह रहे हैं। वह तहरीर दें तो और हम केस दर्ज करें।
उन्होंने बताया नदी में 69 वाहन नदी के अंदर पेंडिंग दिखाए गए थे, लेकिन संयुक्त रूप से चेकिंग के दौरान कोसी नदी में वाहन भौतिकी सत्यापन में एक भी वाहन नदी में नहीं मिला, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। टीम के साथ एसडीएम एसएस जंगपांगी, आईएफएस प्रशिक्षु कल्याणी, बैलपड़ाव चौकी इंचार्ज जसविंदर सिंह, एसआई कश्मीर सिंह सहित जंगलात, पीएससी सहित कई लोग मौजूद थे।