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हत्या का आरोपी छात्र देगा दसवीं की परीक्षा

Sun, 16 Mar 2014 10:40 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की मजबूत पैरवी के बाद विद्यालय शिक्षा सचिव ने हत्या के आरोपी 10वीं के एक छात्र को बोर्ड परीक्षा में शामिल होने की इजाजत दे दी।
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नियमों में दी गई इस ढील को उत्तराखंड में ऐसा पहला मामला माना जा रहा है। पौड़ी के एक राजकीय इंटर कॉलेज का दसवीं का छात्र हत्या के आरोप में चार माह से बाल संप्रेक्षण गृह में है।

लगातार दस दिन नहीं आने पर स्कूल से नाम कटने के कारण वह परीक्षा नहीं दे सका। जनवरी में मामला संज्ञान में लाए जाने पर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष अजय सेतिया ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि बच्चे की पढ़ाई का प्रबंध संप्रेक्षण गृह में कराएं।
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परीक्षा के लिए रोल नंबर अलॉट

अभिभावकों की ओर से परीक्षा की मंजूरी संबंधी आवेदन भिजवाएं। तमाम कवायदों के बाद 14 मार्च को उसे परीक्षा के लिए रोल नंबर अलॉट कर दिया गया।

यह था मामला
छह जुलाई 2013 की रात आरोपी छात्र अपनी रिश्ते की दादी के घर गया था। आरोप था कि उसने दादी से किसी चीज की खरीदारी के लिए रुपए मांगे थे।

दादी के मना करने पर नाबालिग ने उसके सिर पर किसी भारी चीज से प्रहार किया और भाग निकला। बुजुर्ग ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। अगली सुबह परिजनों ने और ग्रामीणों ने पुलिस रिपोर्ट की।

जांच के बाद नाबालिग के हत्या करने की बात साफ हुई। छात्र तब से संप्रेक्षण गृह में है।
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कई अड़चनों और लेटरबाजी के बाद मंजूरी

1. छात्र की मां ने 30 जनवरी 2014 को राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाध्यापक को परीक्षा दिलाने की अर्जी दी। प्रधानाध्यापक ने सूचना पौड़ी के मुख्य शिक्षा अधिकारी को दी। मंजूरी के लिए विद्यालय शिक्षा परिषद सचिव को लिखा गया। मगर अधिनियम की धारा-21(2) का हवाला देते हुए उन्होंने मना कर दिया।

2. आयोग अध्यक्ष अजय सेतिया ने खुद संज्ञान लिया। शिक्षा परिषद सचिव को किशोर न्याय अधिनियम में 18 वर्ष तक के बच्चे को संरक्षण देने की गारंटी का हवाला देते परीक्षा दिलाने की सिफारिश की। मगर परिषद ने इसे भी ठुकरा दिया।

3. आयोग अध्यक्ष ने दोबारा विद्यालय शिक्षा परिषद सचिव से फोन पर बातकर पुनर्विचार करने को कहा। पत्र भी लिखा कि बच्चे पर न आरोप साबित हैं, न वह अपनी मर्जी से विद्यालय से गैरहाजिर हुआ। वह आरोप से बरी भी हो सकता है। इसके बाद परिषद ने बच्चे को परीक्षा में बैठने के लिए रोल नंबर अलॉट कर दिया।
 
अब आगे क्या
आयोग अध्यक्ष अजय सेतिया ने एसपी पौड़ी अजय जोशी से छात्र की परीक्षा का बंदोबस्त कराने को कहा है।

एसपी से कहा गया है कि वह बच्चे को परीक्षा के दिन परीक्षा केंद्र पहुंचाने और वापस लाने के लिए संबंधित थाने के बाल कल्याण अधिकारी की ड्यूटी लगाएं।
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