डेयरी से निकलने वाली गंदगी फैलाने और पशुओं को सड़कों पर छोड़ने वालों पर नगर निगम अब सख्ती के मूड में है। इसके लिए निगम अपना डेयरी एक्ट लागू करने जा रहा है। नगर निगम की बोर्ड बैठक में इस एक्ट (नगर निगम डेयरी उपविधि रेगुलेशन अधिनियम-2022) संबंधी प्रस्ताव पास हुआ था।
इसके क्रम में अब ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। इसके बाद जल्द इसे लागू भी किया जाएगा। प्रदेश में डेयरी संचालकों के लिए कोई रेगुलेशन एक्ट नहीं है। यही कारण है कि डेयरियों का कहीं रजिस्ट्रेशन भी नहीं हो पाता है। शहर में कई स्थान ऐसे हैं, जहां पर डेयरी से निकलने वाले गोबर को नालियों में बहाया जाता है। पशुओं को ऐसे ही सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। कोई नियम न होने के कारण केवल गंदगी फैलाने पर डेयरी संचालकों की इस हरकत पर उनका अधिकतम पांच हजार रुपये तक ही चालान किया जा सकता है।
लेकिन एक्ट होने से उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकेगी। निगम की पिछली बोर्ड बैठक में एक्ट को लाने के लिए प्रस्ताव पास किया गया था। अब विशेषज्ञों ने इसका ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया है। इस एक्ट में सभी तरह की अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई के प्रावधान मौजूद होंगे। इससे उनका चालान, लाइसेंस निरस्तीकरण और अन्य कार्रवाई की जा सकेंगी। निगम प्रशासन को उम्मीद है कि इससे कई तरह के लाभ भी होंगे।
पशुओं से हटा देते हैं टैग
पशुओं के मालिक की पहचान के लिए पशुपालन विभाग पशुओं के कानों में टैग लगाता है, लेकिन इनके मालिक चालाकी से इन टैग को हटाकर पशु को आवारा छोड़ देते हैं। इससे पहचान नहीं हो पाती कि यह पशु किसका है। एक्ट लागू होने के बाद नगर निगम की इस तरह की पहचान की व्यवस्था भी करेगा।
रिहायशी इलाकों में बढ़ रहीं डेयरियां
नगर निगम क्षेत्र में डेयरियां लगातार बढ़ रही हैं। पहले जो क्षेत्र दूर दराज के माने जाते थे, अब वह निगम क्षेत्र में आ गए हैं। यहां पर आबादी बढ़ने लगी है। ऐसे में पहले के अलावा अब नई डेयरियां भी धड़ल्ले से खोली जा रही हैं। निगम प्रशासन के अनुसार, शहर क्षेत्र में तकरीबन 500 से ज्यादा डेयरियां हैं। इनसे निकलने वाली गंदगी नालियों में बहा दी जाती है। इससे प्रदूषण होता है, लेकिन इनके खिलाफ कार्रवाई की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी।
नगर निगम बोर्ड बैठक में एक्ट लाने का प्रस्ताव पास किया गया था। अब इसका ड्राफ्ट लगभग तैयार हो चुका है। जल्द ही नोटिफिकेशन के बाद इसके लागू करने पर विचार किया जा रहा, ताकि शहर में डेयरी संचालकों की अनियमितताओं पर कार्रवाई की जा सकेगी।
- सुनील उनियाल गामा, मेयर, नगर निगम