देहरादून। नगर निगम में वर्ष 2003 में हुए होर्डिंग घोटाले की जांच भी गुम हो गई है। नगर निगम ने मार्च 2003 में दिल्ली की एक कंपनी को 5.88 करोड़ रुपये में दो साल के लिए होर्डिंग्स लगाने का टेंडर दिया था। इस टेंडर के लिए स्थानीय कंपनियां इससे अधिक धनराशि देने को तैयार थीं। ऐसे में जांच के आदेश हुए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
नगर निगम में होर्डिंग्स के ठेके का भी घोटाला सामने आया था। वर्ष 2003 में हुए इस घोटाले की जांच भी अन्य घोटालों की तरह गुम हो गई है। निगम की ओर से शहर में होर्डिंग्स के लिए टेंडर निकाले गए थे। इसे लेकर प्रदेश की कई कंपनियों के साथ ही दिल्ली की एक कंपनी ने भी आवेदन किया था। आरोप है कि सांठगांठ के चलते निगम में उस कंपनी को पांच करोड़ 88 लाख रुपये में टेंडर दे दिया। वहीं, कई स्थानीय कंपनियां निगम को इससे भी अधिक राजस्व देने को तैयार थीं। ऐसे में नियमों को दरकिनार कर दिल्ली की कंपनी को टेंडर देने पर काफी बवाल मचा। निगम के साथ ही शासन स्तर पर जांच की गई, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
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होर्डिंग्स घोटाले को लेकर तत्कालीन अधिकारियों द्वारा जांच कराई गई थी, लेकिन इसके बाद भी मामले को फिर से दिखवाया जाएगा, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
-नीरज जोशी, अपर नगर आयुक्त