आईपीएल मुंबई इंडियंस टीम में शामिल हुए रुड़की निवासी आकाश मधवाल का क्रिकेट के प्रति जुनून उन्हें मुकाम तक ले गया। पिता की मौत के बाद दो बेटों की परवरिश कर रही मां आशा मधवाल ने जब अपने बेटे की कामयाबी की खबर सुनी तो उनकी आंखे भर आई। आकाश ने किस तरह से बीटेक करने के बाद नौकरी की और क्रिकेट के जुनून में नौकरी को भी छोड़ दिया। यह बताते हुए उनका गला रुंध आया। उन्होंने इतना ही कहा कि ईश्वर ने उन्हें यह बहुत बड़ा उपहार दिया है। अब एक मां ही नहीं बल्कि दुनिया उसके बेटे को क्रिकेट खेलते हुए देखेगी।
रुड़की के अशोकनगर ढंढेरा निवासी सैन्यकर्मी घनानंद मधवाल की मौत के बाद उनकी पत्नी आशा मधवाल पर बड़े बेटे आशीष मधवाल और छोटे बेटे आकाश मधवाल की परवरिश की जिम्मेदारी थी। आशा मधवाल बताती है कि पति की मौत के बाद दो बेटे ही उनका सहारा थे। जिन्हें पढ़ाने लिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
उन्होंने बताया कि आकाश मधवाल ने कोर कॉलेज रुड़की से बीटेक की पढ़ाई की। यहां से डिग्री लेने के बाद आकाश ने बहादराबाद ब्लॉक में दो साल जेई के पद पर नौकरी भी की। लेकिन आकाश को क्रिकेट का जुनून था और उसने नौकरी छोड़ दी।
आशा मधवाल बताती हैं कि करीब दो साल पहले आकाश ने क्रिकेट एसोसिएशन के माध्यम से हरिद्वार से फार्म भरा था। जिसमें उसका देरहादून के लिए सेलेक्शन हो गया। यह जानकारी जब आकाश ने उन्हें फोन पर दी थी तो उन्हें काफी संतोष हुआ कि उनका बेटा जिस राह पर चलने की ईच्छा रखता है। उसमें उसे कामयाबी मिल रही है।
उन्होंने बताया कि आकाश मुंबई की टीम में पहले से ही शामिल था। लेकिन जब शुरू में जब खिलाड़ियों की बोली में उसका नंबर नहीं आया तो वह काफी दुखी थी। तब उसने आकाश के दोस्तों को भी समझाने के लिए कहा था। लेकिन अब वह दिन आ गया है, जिसका उसे इंतजार था। वहीं दूसरी ओर, रुड़की के इतिहास में भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी ऋषभ पंत के बाद अब आकाश के आईपीएल में शामिल होने पर एक और उपलब्धि जुड़ गई है।