सोमवार से राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शुरू हुई एमआरआई जांच। अमर उजाला
आखिरकार दो साल से अधिक समय के लंबे इंतजार के बाद राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एमआरआई जांच शुरू हो गई। सोमवार को दून अस्पताल में 20 मरीजों की एमआरआई जांच की गई। धीरे-धीरे रोजाना और अधिक मरीजों की एमआरआई जांच हो सकेगी। जांच शुरू होने से मरीजों को महंगी जांच से छुटकारा मिल गया है। दून अस्पताल में एमआरआई जांच 3500 रुपये में होती है, जबकि निजी सेंटर में इसी जांच के सात हजार से 12 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं।
दून मेडिकल अस्पताल में पुरानी मशीन की अवधि समाप्त होने के बाद पिछले दो साल से अधिक समय से एमआरआई जांच की सुविधा ठप थी। कई बार के टेंडर और प्रस्ताव अधर में लटकने के बाद करीब तीन महीने पहले बोस्टन (अमेरिका) से एमआरआई मशीन मंगाई गई। अमर उजाला शुरूआत से ही मरीजों की इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित करता रहा है। गत आठ जनवरी को चुनाव आचार संहिता से ऐन पहले अस्पताल में लगी मशीन का लोकार्पण हुआ था। करीब 15 दिन डेमो और मरीजों पर ट्रायल किया गया। इसके बाद सही परिणाम आने पर डॉक्टरों, इंजीनियरों और तकनीशियनों की सलाह पर अस्पताल प्रशासन ने सोमवार से नियमित रूप से एमआरआई जांच शुरू करने का फैसला लिया। सोमवार को एमआरआई जांच के लिए सुबह नौ बजे से पंजीकरण शुरू हुआ। अपराह्न तीन बजे तक मरीजों की जांच की गई। आने वाले दिनों में भी अस्पताल की ओपीडी के समय के तहत एमआरआई जांच होगी। आपात स्थिति में 24 घंटे एमआरआई जांच की सुविधा रहेगी।
दून अस्पताल में एमआरआई जांच शुरू होने से अब मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक केंद्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वहीं, आयुष्मान कार्डधारक मरीज के भर्ती होने की स्थिति और अन्य अनुमन्य मरीजों को दून अस्पताल में एमआरआई जांच निशुल्क होगी। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि सोमवार से एमआरआई जांच शुरू कर दी गई है। जांच के एक दिन बाद मरीजों को एमआरआई जांच की रिपोर्ट मिल पाएगी।