फिल्म में पहाड़ के पलायन, पर्यावरण, जल संरक्षण को लेकर बुजुर्ग की जीवटता को मार्मिक रूप से सामने रखा गया है। डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘मोतीबाग’ ने देश के कोने-कोने में लोक जीवन को दिखाया। केरल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म महोत्सव में ‘मोतीबाग’ को प्रथम पुरस्कार मिला।
डॉक्यूमेंट्री फिल्म के निर्देशक निर्मल चंद्र डंडरियाल व बुजुर्ग विद्या दत्त के पुत्र त्रिभुवन उनियाल ने दावा किया है कि फिल्म ‘मोतीबाग’ को ऑस्कर के लिए चयनित किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत से चयनित दो फिल्मों में यह उत्तराखंड से पहली डॉक्यूमेंट्री फिल्म है।
पहाड़ की माटी में रचे-बचे रंग, धरती पुत्र के जीवन संघर्ष पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘मोतीबाग’ ऑस्कर के लिए चयनित हुई है। उत्तराखंड के लिए यह गौरव का क्षण है। हमें पूरी उम्मीद है कि ‘मोतीबाग’ की महक ऑस्कर पुरस्कार के रूप में अनमोल सौगात लेकर आएगी।
- गणेश वीरान, प्रसिद्ध गढ़वाली फिल्म निर्देशक