बंदरों के बढ़ते आतंक से शहरवासी परेशान हैं। दिन ब दिन बढ़ते बंदर घरों और खेतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई जगह पर तो स्थानीय लोगों पर हमला करने की घटनाएं भी हुई हैं। खासतौर से महिलाओं और बच्चों को देख बंदर बेहद आक्रामक रुख अपना रहे हैं।
फसल को पहुंचा रहे हैं बंदर
शहर के बजीरों का बाग, निरंजनी बाग, अपर बाजार, ब्राह्मण मोहल्ला, एजेंसी मोहल्ला जैसे इलाके बंदरों की गिरफ्त में हैं। इनका एक बड़ा झुंड काफी सक्रिय है, जो खेतों और घरों में घुसकर काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐजेंसी मोहल्ला निवासी दीपा रावल के मुताबिक बंदर आए दिन घरों में उत्पात मचा रहे हैं।
कमरों के अंदर घुसकर खाने-पीने का सामान पर हाथ साफ कर रहे हैं। राजेश रावत के अनुसार बंदर महिलाओं और बच्चों को देखकर काफी आक्रामक रुख अपना रहे हैं। कई बार तो बंदरों ने हमला करने का भी प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि इस बारे में नगर पालिका परिषद से शिकायत की जा चुकी है। मगर अब तक बंदरों के आतंक से निजात नहीं मिल पाई है।
निरंजनी बाग निवासी डॉ मनोज नौटियाल के अनुसार घरों, होटलों आदि की छतों पर लगे वाटर टैंकों से पानी पी रहे हैं और वहीं नहा भी रहे हैं। इसके चलते शहर में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
बंदरों के डर से स्थानीय लोग छोटे बच्चों को अकेला नहीं छोड़ रहे। स्थानीय निवासी संतोष चमोली, सुकेश नौटियाल, लक्ष्मण पुंडीर, सुनील बलूनी, विजय रावल आदि ने बंदरों पर नकेल कसने की मांग की है।