यौन शोषण में फंसे उत्तराखंड के अपर सचिव जेपी जोशी जेल जरूर पहुंच गए हैं, लेकिन यहां भी उनकी साहबी कायम है।
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जेल कर्मचारी उन्हें सर, साहब जैसे संबोधन देते रहे। हालांकि, जेल में जोशी काफी असहज महसूस कर रहे हैं। ऐसे में कर्मचारी बातचीत से उन्हें सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं।
बंदियों से बातचीत नहीं की
जेल सूत्रों के अनुसार, मंगलवार रात जेपी जोशी बहुत असहज नजर आए। जिस बैरक में उन्हें रखा गया था, वहां छह अन्य विचाराधीन कैदी भी थे। लेकिन जोशी ने इन बंदियों से बातचीत नहीं की।
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बस माथा पकड़कर बार-बार यही बड़बड़ाते रहे ‘उफ! मुझे षड्यंत्र के तहत फंसा दिया।’ बुधवार सुबह जोशी की कुछ जेलकर्मियों से जरूर बात हुई। हालांकि, जेलकर्मियों के बीच ‘साहब’ और युवती के संबंधों के बारे में भी खासी चर्चा होती रही।
अस्पताल पहुंचे जोशी
जेल सूत्रों के अनुसार, नाश्ते के बाद बुधवार को जेल में जोशी के स्वास्थ्य की जांच की गई। इस दौरान जोशी का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ पाया गया।
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डॉक्टरों ने जोशी को हार्ट, स्लिप डिस्क और पैरों में दर्द की समस्या बताई है। उन्हें जेल के अस्पताल में रखा गया है। जेल के डॉक्टरों की सलाह पर जोशी को दून अस्पताल या किसी अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है।
अफसरों ने बनाई दूरी
बुधवार को जेल में जेपी जोशी से मिलने के लिए उनकी पत्नी और बेटे पहुंचे। परिवार के दूसरे लोगों ने भी उनसे मुलाकात की।
हालांकि जोशी के करीबी अफसरों और मातहतों ने फिलहाल उनसे दूरी बनाई हुई है। जेल अधीक्षक एमएस ग्वाल ने बताया कि उन्हें जेल मैनुअल के तहत ही रखा गया है।