फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जोश में आए मोदी, मुझे चाहिए 300 कमल

Wed, 30 Apr 2014 11:40 AM IST
रजा शास्त्री / अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
छह चरण का मतदान गुजरने के बाद भाजपा के प्रधानमंत्री के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी उत्साह से लबरेज दिखे। हरबर्टपुर की रैली में वह लाइट मूड में नजर आए।
विज्ञापन


पढ़ें, जीत हार नहीं, ये है यूकेडी की विरासत की जंग

हाव-भाव और स्टाइल में वो तल्खी न थी। बॉडी लैंग्वेज में बड़ा आत्मविश्वास। खुलासा करने के अंदाज में हंसकर बोले कि अब तक जो मतदान हुआ है उससे तय हो गया कि ‘मां-बेटे की सरकार तो गई।’

मंगलवार दोपहर चिलचिलाती धूप में हरबर्टपुर रैली में पहुंचते ही भीड़ देख खुश हुए। बोले-मैं कल्पना ही नहीं कर सकता कि यहां इतनी बड़ी रैली होगी। मतदाताओं को ‘भाग्य विधाता’ का कहकर खिताब किया। हंसकर बोले-‘हवा का रुख बता रहा है कि अंजाम क्या आने वाला है।’
विज्ञापन
Trending Videos

'अरे किसकी नहीं, कैसी सरकार'

बोले-‘अच्छे काम करना मेरे नसीब में लिखा है। उत्तराखंड को विपत्ति से बाहर निकालना भी मेरे नसीब में है।’ ‘यह पवित्र काम करने के लिए हमें शक्ति दीजिये। हमें कम से कम तीन सौ कमल चाहिए। उत्तराखंड के तो सारे कमल चाहिए।’

चुनावों की नतीजों के संबंध में कोई आशंका उनकी बातों में नजर न आई। वादा किया कि मैं आपके सपनों को पूरा करूंगा। यह चुनाव कोई पार्टी, नेता नहीं देश की जनता लड़ रही है।

इस बीच अति उत्साह में बार-बार नारे लगा रहे कुछ लड़कों को प्यार भरे अंदाज में डपटा भी। सामने बैठे लोगों से सवाल किए-देश को कैसी सरकार चाहिए? लोग जोर से बोले-मोदी सरकार।

हंसकर बोले-यह नहीं पूछा किसकी सरकार चाहिए? कैसी सरकार चाहिए? फिर खुद ही कहते रहे ‘ढीली-ढाली, मरी-पड़ी अस्पताल में मां-बेट के आक्सीजन वाली या रिमोट कंट्रोल वाली?’

राज्यलक्ष्मी शाह को कहा राजमाता

मोदी ने कहा कि मजबूत सरकार चाहिए। वाहन थोड़े कीचड़ में फंसा हो तो ड्राइवर निकाल लेता है। गड्ढा बड़ा हो तो लोग धक्का लगा देते हैं। लेकिन यहां तो देश खाई में गिरा है?

पढ़ें, इस गांव में होती है दुल्हन की अनोखी विदाई

दिल्ली में मजबूत सरकार चाहिए। लक्ष्मण जी बेहोश हुए तो संजीवनी बूटी यहीं से गई थी। फिर भाजपा प्रत्याशी माला राज्य लक्ष्मी शाह को राजमाता की संज्ञा दी और राजमाता विजया राजे सिंधिया से उनकी तुलना की।

बोले-राजमाता आपदा के समय दुखियारों के बीच गईं। उनका काम देख मेरा मन गौरव से भर गया था। फिर भारत माता के नारे लगवा, वाणी को विराम दिया।

मुसलिम बुजुर्ग भी आए थे मोदी को सुनने

मंगलवार को धूप की सख्ती में मुसलिम समाज के कई बुजुर्ग नरेंद्र मोदी का भाषण सुनने आए थे। बराकी से आए सिराजुद्दीन दो घंटे पहले कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए थे। धूप ने थका दिया तो टाउन एरिया ग्राउंड के गेट पर पेड़ के साये में बैठ गए।

पूछा तो बोले कि मोदी को सुनने के लिए आए हैं। मोदी के बारे में उनका ख्याल जानना चाहा तो बोले जो देश का विकास करे, वही राज करे। इसी तरह आदिल, रियाज अहमद और सुल्तान अहमद श्रोताओं की भीड़ में थे।

मोदी के बारे में क्या ख्याल है? बोले कि अपराध मुक्त समाज और बच्चों को जो रोजगार दे उसी को वोट देंगे। मोदी के बारे में सब कह रहे हैं कि विकास करेंगे।
विज्ञापन

वीआईपी मंच से कोई न बोला

हरबर्टपुर के टाउन एरिया ग्राउंड पर आयोजित नरेंद्र मोदी की रैली में वीआईपी के लिए अलग से मंच बनाया गया था। इस पर माइक भी लगा था।

सुरक्षा की दृष्टि से मोदी के मंच पर कुछ चुनिंदा नेताओं को ही रहना था। नेताओं के भाषण के लिए वीआईपी मंच बना था। लेकिन इस मंच का इस्तेमाल ही नहीं हुआ।

सारे नेताओं ने मुख्य मंच से ही भाषण दिया। वीआईपी मंच पर कार्यकर्ता और जिलों के पदाधिकारी बैठे रहे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें