कांग्रेस विधायक कुंवर प्रणव के लगातार आ रहे बयानों पर भड़के 6 चार मंत्रियों, एक निर्दलीय विधायक व दो बसपा विधायकों ने कांग्रेस सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
मामले को शांत करने की कोशिश
मुख्यमंत्री ने रुष्ट मंत्रियों व विधायकों के साथ बैठक कर मामले को शांत करने की कोशिश की है, लेकिन अपने विधायक को शांत करने में वह भी असमर्थ दिख रहे हैं।
कांग्रेस विधायक कुंवर प्रणव के लगातार दो दिन से गठबंधन सरकार के परिवहन मंत्री पर संगीन आरोप लगाने का निर्दलियों, यूकेडी और बसपा मंत्रियों के समूह पीडीएफ ने कड़ा विरोध जताया है।
बयान से उखड़े पीडीएफ अध्यक्ष
विधायक के बयान से उखड़े पीडीएफ अध्यक्ष शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, परिवहन मंत्री सुरेंद्र राकेश, शहरी विकास मंत्री प्रीतम पंवार और मंत्री हरीश दुर्गापाल, विधायक दिनेश धने व बसपा विधायक हरी दास, शरबत करीम अंसारी के साथ मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने मंगलवार को बीजापुर गेस्ट हाउस में बैठक की है।
लगभग डेढ़ घंटा चली बैठक में सभी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री से कड़ी नाराजगी जताते हुए विधायक प्रणव पर कार्यवाही की मांग की है।
अंबिका के पास पहुंचा मामला
पीडीएफ ने मामले में प्रदेश प्रभारी और कांग्रेस राष्ट्रीय महामंत्री अंबिका सोनी को आपत्ति जताई है। अंबिका सोनी ने पूरे प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री से भी वार्ता की है।
कांग्रेस आला कमान कुंवर के बयान से सख्त नाराज है, जिससे प्रदेश सरकार की चिंताएं और बढ़ गई हैं परिवहन मंत्री सुरेंद्र राकेश ने बताया कि हमने प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी के समक्ष अपनी आपत्ति जता दी है अब देखना है कि वह क्या फैसला लेती हैं।
पीडीएफ ने अपनी आपत्ति मुख्यमंत्री के समक्ष आपत्ति जताई है। हम सरकार के विधायक की गलत बयान और आरोप बर्दाश्त नहीं करेंगे। दस दिन के भीतर विधायक चैम्पियन के खिलाफ कांग्रेस कार्यवाही करे नहीं तो हम सरकार से गठबंधन पर विचार करेंगे।
- मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, पीडीएफ अध्यक्ष
बयानबाजी करने वाले विधायक के खिलाफ कार्यवाही नहीं हुई तो निश्चित रूप से पीडीएफ और बसपा विधायक समर्थन वापसी जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे। यह सभी जानते हैं कि गुंड़ा कौन है और गोली कौन चलाता है।
- सुरेंद्र राकेश, परिवहन मंत्री
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