लंबे इंतजार के बाद उत्तराखंड के शिक्षकों के 2794 पदों के लिए बीएड टीईटी पास प्रशिक्षित बेरोजगारों की सूची जारी कर दी गई। आठ माह बाद जारी इस सूची में गड़बड़ियों का अंबार है।
प्रदेश में सरकारी सेवा के लिए आवेदन करने की आयुसीमा भले 42 वर्ष हो, लेकिन शिक्षा विभाग ने चयनित सूची में ऐसे अभ्यर्थी का नाम भी डाला है, जिसकी उम्र 46 वर्ष हो चुकी है।
अभ्यर्थी के नाम के आगे आरक्षण की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। यह कॉलम खाली छोड़ दिया गया है। इसके अलावा कुछ अन्य अभ्यर्थियों की उम्र भी 46-47 वर्ष होने की बात सामने आ रही है।
यही नहीं, सूची में एक ही अभ्यर्थी का नाम दो-दो बार डाला गया है। इन गड़बड़ियों को लेकर अभ्यर्थियों ने हंगामा भी किया।
प्रक्रिया में कुछ गलत नहीं हुआ है। चयन सूची में जिन गड़बड़ियों की बात की जा रही है, वे लिपिकीय त्रुटि हैं। इस सूची में हुई इन गड़बड़ियों को ठीक कर जल्द संशोधित सूची जारी की जाएगी।
- डॉ. आरडी शर्मा, अपर निदेशक एससीईआरटी
भड़के बेरोजगार, अपर निदेशक का घेराव
लंबे इंतजार के बाद जारी हुई शिक्षकों की चयन सूची ने बीएड टीईटी पास प्रशिक्षित बेरोजगारों का गुस्सा भड़का दिया। बेरोजगारों ने शिक्षा निदेशालय और एससीईआरटी में प्रदर्शन कर सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए इसे निरस्त करने की मांग की।
अपर निदेशक का घेराव किया गया। इस दौरान उनकी पुलिसकर्मियों से तीखी नोकझोंक भी हुई। सोमवार सुबह शिक्षा निदेशालय में जुटे बेरोजगार यहां प्रदर्शन के बाद जुलूस के रूप में दोपहर दो बजे एससीईआरटी अपर निदेशक डॉ. आरडी शर्मा के कार्यालय पहुंचे।
यहां पहले से कई अभ्यर्थी और उनके अभिभावक जमा थे। वे भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। बेरोजगारों ने सूची को धोखा बताते हुए अपर निदेशक कार्यालय का मेन गेट बंद कर दिया।
कहा कि किसी अधिकारी को बाहर या भीतर नहीं जाने देंगे। बेरोजगारों ने कहा कि पात्र होने के बावजूद कई अभ्यर्थी बाहर कर दिए गए, जबकि 1968, 1970 जन्मतिथि वालों को चयनित किया गया है। हंगामा बढ़ते ही मौके पर तैनात रायपुर पुलिस ने और फोर्स मंगा ली।
बेरोजगारों से पुलिस की तीखी बहसबाजी
पुलिसकर्मी गेट खुलवाने लगे तो बेरोजगारों से उनकी तीखी बहसबाजी हुई। देर शाम तक चले हंगामे के बाद बेरोजगार शिक्षा निदेशालय लौट गए और वहां अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
प्रदर्शन में बेरोजगार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बलदेव भंडारी, प्रदेश महामंत्री मनवीर रावत, शैलेश वशिष्ठ, ओमप्रकाश, गजेंद्र जोशी आदि शामिल रहे।
हमारा रास्ता बंद, आपका कैसे खोल दें
एससीईआरटी अपर निदेशक कार्यालय के घेराव के दौरान रास्ता बंद होने से परेशान कुछ शिक्षकों ने बेरोजगारों से रास्ता खोलने का अनुरोध किया।
इस पर बेरोजगारों ने कहा कि आपने हमारी नौकरी के सारे रास्ते बंद कर दिए, हम आपका रास्ता कैसे खोल दें। इसके बाद शाम तक शिक्षक भीतर ही फंसे रहे।
अभ्यर्थियों का दर्द
मैंने 2007 में बीएड किया। ओबीसी वर्ग के अलावा स्वतंत्रता सेनानी कोटा भी है। फिर भी मेरा चयन नहीं हुआ। लेकिन वर्ष 2009 वाले अभ्यर्थी चुन लिए गए। सूची गड़बड़ है।
- प्रवीण सिंह, उत्तरकाशी
मेरी पत्नी नूतन ने वर्ष 1997 में बीएड किया था। लेकिन, 17 साल की वरिष्ठता के बावजूद उसका नाम चयन सूची में नहीं है। ऐसा कैसे? वर्ष 2005 में बीएड वाले चुन लिए हैं।
- प्रवीण मिश्रा, ऋषिकेश