उत्तराखंड सरकार अभी बड़े हेलीकॉप्टर का इंतजार ही कर रही है और नेहरु पर्वतीय प्रशिक्षण संस्थान(निम) ने दो जेसीबी तक केदारनाथ में पहुंचा दी है। दूसरी ओर प्रदेश को अभी तक एमआई 26 हेलीकॉप्टर नहीं मिल पाया है।
हालांकि पूर्व में सरकार ने केदारनाथ में 25 अक्टूबर से काम शुरू करने का इरादा जाहिर किया था पर वर्तमान स्थिति को देखते हुए नवंबर में ही काम शुरू हो पाने की संभावना है।
सुरक्षा और बाढ़ नियंत्रण के काम
केदारनाथ में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती केदारनाथ में फैले ध्वस्त इमारतों को ढहा कर नया निर्माण करने की है। इसके साथ ही केदारनाथ में सुरक्षा और बाढ़ नियंत्रण के काम भी होने हैं।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कुछ समय पहले ही केदारनाथ में 25 अक्टूबर से काम शुरू कराने का इरादा जाहिर किया था। पर यह सारा निर्माण कार्य वायु सेना से मिलने वाले एमआई 26 पर निर्भर है। इस हेलीकॉप्टर के जरिए ही सारी भारी मशीनों को केदारनाथ में पहुंचाया जाना है। शासन के मुताबिक अभी तक यह हेलीकॉप्टर नहीं मिल पाया है।
पुर्जो को जोड़कर जेसीबी तैयार
दूसरी ओर निम ने केदारनाथ में दो जेसीबी पहुंचा भी दी हैं। निम सूत्रों के मुताबिक जेसीबी पहले देहरादून में खोली गईं और फिर इनके पुर्जो को अलग-अलग केदारनाथ पहुंचाया गया। इसके बाद इन पुर्जो को जोड़कर जेसीबी तैयार कर ली गई।
इसके साथ ही निम ने ऑल परपज व्हीकल भी केदारनाथ पहुंचा दिए हैं। ये वाहन बेहद ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर चल सकने में समर्थ हैं। निम इस समय केदारनाथ में बेस कैंप तैयार करने में जुटा हुआ है। इसके अलावा सुरक्षा और बाढ़ नियंत्रण कार्य भी निम ने शुरू कर दिए हैं। एमआई 26 न मिलने पर भारी निर्माण कार्य में देरी भी हो सकती है। खुद मुख्यमंत्री हरीश रावत का मानना है कि 15 जनवरी तक केदारनाथ में काम पूरा हो जाना चाहिए।