हालांकि सूची के पुष्ट होने पर संदेह है, लेकिन सूची में दर्ज नाम और कुछ दिन पूर्व प्रदेश मीडिया प्रमुख डॉ. देवेंद्र भसीन की भेजी सूची के नामों में समानता है। यही वह मुख्य कारण है जिसने संजय कुमार की वापसी की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
इस संबंध में अमर उजाला ने जब प्रदेश अध्य्क्ष अजय भट्ट से पूछा तो उन्होंने सूची में संजय कुमार का नाम होने से इनकार कर दिया। उन्होंने इस बारे में संयोजक नरेश बंसल से पूछने की सलाह दी। काफी प्रयास के बाद भी बंसल से संपर्क नहीं हो पाया।
संजय कुमार को प्रदेश महामंत्री संगठन पद से हटाए जाने को एक साल होने को है। संजय पर आरोप लगाने वाली महिला लगातार ये आशंका जताती रही है कि उनके (संजय) सियासी प्रभाव के चलते उनके मामले की जांच में लीपापोती की गई। आरोपी को बचाने की कोशिशें हुईं। वह संजय की संगठन में वापसी की भी आशंका जताती रही हैं।