देहरादून-मसूरी विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) राजधानी व आसपास के इलाकों में 245.12 करोड़ रुपये के बजट से जमीन खरीदने के साथ ही कई आवासीय योजनाएं बनाएगा। साथ ही सौ करोड़ रुपये की लागत से राजधानी में तमाम विकास कार्य कराए जाएंगे।
गढ़वाल मंडल आयुक्त एवं विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशील कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को हुई प्राधिकरण बोर्ड की 103वीं बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया। बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 554.03 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई। इतना ही नहीं बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मास्टर प्लान के तहत ऐसे एकल आवासीय भवन जो कृषि भूमि पर बनाए गए हैं, लेकिन राजस्व अभिलेखों में दर्ज आबादी क्षेत्र में 500 मीटर की परिधि के दायरे में हैं, उन भवनों की अनुमति के लिए कृषि से आवासीय में उच्चीकरण के लिए छूट दी जाएगी। इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजकर दिशा निर्देश हासिल किए जाएंगे। बैठक में भू-उपयोग परिवर्तन एवं शिथिलीकरण के प्रकरणों पर सुनवाई करते हुए निर्णय लिया कि हाईकोर्ट में दायर याचिका के कारण भू उपयोग परिवर्तन एवं शिथिलीकरण के जितने भी मामले हैं, उसमें शासन स्तर से दिशा निर्देश हासिल करने के साथ ही आगे की कार्रवाई की जाए।
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि डालनवाला स्थित प्राधिकरण के पुराने कार्यालय की जमीन पर नए कार्यालय का निर्माण करने के साथ ही वर्तमान कार्यालय को वहां स्थानांतरित किया जाए, ताकि शहरियों को आने जाने में दिक्कत न हो। साथ ही प्राधिकरण अधिकारियों को भी सचिवालय नजदीक होने की वजह से ज्यादा परेशानियों का सामना न करना पड़े। बैठक में 42 प्रस्ताव पेश किए गए। साथ ही 11 अनुपूरक प्रस्ताव भी पेश किए गए, जिसमें से ज्यादातर को मंजूरी दी गई। बैठक में ऋषिकेश में मौजूदा नगर निगम कार्यालय की जमीन पर बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण कराने के संबंध में डिजाइन कंसलटेंट की फीस के संबंध में भी निर्णय लिया गया। सहमति बनी कि चूंकि डिजाइन कंसलटेंट की फीस 25 लाख से अधिक है, ऐसे में इस बाबत प्रोक्योरमेंट पॉलिसी के तहत शासन के वित्त विभाग से अनुमति लेकर ही आगे की कार्रवाई की जाए।
बैठक में मंडलायुक्त एवं अध्यक्ष के अलावा प्राधिकरण उपाध्यक्ष बृजेश कुमार संत, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) कृष्ण कुमार मिश्र, उप सचिव आवास विभाग चिरंजीलाल, उपसचिव वित्त विभाग दीप्ति मिश्रा, नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त रविंद्र दयाल, सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव रजा अब्बास, मुख्य लेखाधिकारी एमडीडीए स्मृति खंडूरी, इंजीनियर अजय माथुर, विशेषज्ञ समन्वयक गीता खुल्बे आदि मौजूद थे।