कुमाऊं मंडल के लोहाघाट में स्थित मायावती आश्रम प्रकृति से घिरा हुआ है। यह चंपावत से 22 किमी. और लोहाघाट से 9 किमी की दूरी पर है।
स्वामी विवेकानंद को था लगाव
यह आश्रम भारत और विदेशों से अध्यात्मवादियों आकर्षित करता है। हर साल विदश से यहां हजारों लोग अध्यात्म का ज्ञान प्राप्त करने आते हैं और परमात्मा को प्राप्त करते हैं।
मायावती के अद्वैत आश्रम में पुराने चाय बागान हैं। 1898 में अपनी तीसरी यात्रा के दौरान अल्मोड़ा में स्वामी विवेकानंद ने प्रभु भारत के प्रकाशन कार्यायल को मद्रास से मायावती आश्रम में स्थापित करने का फैसला किया था।
हिमालय की गोद में है आश्रम
मायावती की शांति और एकांत का एक मात्र कारण इस आश्रम को हिमालय की गोद में होना है। अनुरोध पर आश्रम बाहर से आए लोगों को आवास भी प्रदान करता है. मायावती आश्रम में एक पुस्तकालय और एक छोटा से संग्रहालय भी है।
यहां को मौसम ज्यादातर ठंडा रहता है। यहां ऊनी कपडों का प्रयोग किया जाता है। यहां कुमाऊंनी, हिंदी व अंग्रेजी भाषा बोली जाती है। आप यहां जीप, टैक्सी, आदि द्वारा जा सकते हैं। यह आश्रम 5 स्वायर किमी. में फैला हुआ है।