फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की विदाई तय!

Thu, 19 Dec 2013 09:13 AM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली/ देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की विदाई तकरीबन तय है। चार राज्यों की हार के बाद अब लोकसभा चुनाव की सियासी जंग के लिए तैयार हो रहे कांग्रेस हाईकमान ने बहुगुणा को हटाने का फैसला कर लिया है।
विज्ञापन


हरीश रावत के पक्ष में हाईकमान
अब कभी भी इस फैसले की घोषणा हो सकती है। दूसरी तरफ लंबे समय से मुख्यमंत्री पद की दौड़ में रहे केंद्रीय मंत्री हरीश रावत को पार्टी हाईकमान उत्तराखंड की कमान सौंपने के पक्ष में नहीं है।

पढ़ें, मुख्यमंत्री पद के दावेदार दिल्ली में और अफवाहें दून में

जबकि नए मुख्यमंत्री के लिए हाईकमान के सुझाए नामों को लेकर रावत मान नहीं रहे हैं। हाईकमान ने प्रदेश सरकार में मंत्री इंदिरा हृदयेश, हरक सिंह रावत और प्रीतम सिंह के नाम सुझाए हैं। ऐसे में तीसरी बार हाथ से फिसलती बाजी देख रावत के बागी होने की आशंका जताई जा रही है।
विज्ञापन


पढ़ें, जेपी जोशी प्रकरणः वल्दिया ने भी किया था पीड़िता का यौन शोषण!

इसलिए बहुगुणा को लेकर फैसले का ऐलान रुका हुआ है। कांग्रेस हाईकमान ने बहुगुणा को फैसले की जानकारी दे दी है, जबकि रावत को बुलाकर समझाने की कोशिश की, लेकिन रावत ने दो टूक कह दिया है कि इस बार भी उनके नाम को खारिज करने पर वे अपने समर्थक विधायकों के कांग्रेस में बने रहने की गारंटी नहीं दे सकते हैं।

राहुल गांधी रावत के पक्ष में नहीं
ऐसे में कांग्रेस हाईकमान नए मुख्यमंत्री को लेकर आम सहमति बनाने की कोशिश में है। दरअसल, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने साफ कह दिया है कि वे हर राज्य में नए नेतृत्व को आगे लाना चाहते हैं। राहुल भी रावत के पक्ष में नहीं हैं।

पढ़ें, 2.5 मार्क्स लाने पर भी मिलेगा IIT में मौका

दरअसल, कांग्रेस मानने लगी है कि बहुगुणा के पद पर बने रहने से वह प्रदेश की लोकसभा की सभी पांचों सीटें गंवा देगी। जबकि 2009 में कांग्रेस ने पांचों सीटें जीती थीं। केदारनाथ त्रासदी से निपटने में भी बहुगुणा नाकाम साबित हुए। इसके अलावा उनके आए दिन दिल्ली में डटे रहने से भी हाईकमान उनसे नाराज था।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें