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पूरी हुई मुराद सालों बाद होगा बेटी का दीदार

Sun, 19 Jan 2014 10:33 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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अमर उजाला की पहल ने देहरादून के दशमेश विहार निवासी सरदार गुरदीप सिंह और उनकी पत्नी जतिंदर कौर के लिए शनिवार का दिन खास बना दिया।
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चेहरों पर खुशी की रौनक
आठ साल से विदेश में रह रही बेटी से न मिल पाने का मलाल इस बुजुर्ग दंपति को था। मैरिज रजिस्ट्रेशन न होने से पति-पत्नी बेटी के पास नहीं जा पा रहे थे। लेकिन अमर उजाला कैंप में शादी के 38 साल बाद रजिस्ट्रेशन कराने के बाद दोनों के चेहरों पर खुशी की रौनक साफ नजर आई।

चहचहाते अंदाज में दोनों बोले, अब बेटी से मिलने जाएंगे दुबई। सरदार गुरदीप सिंह और जतिंदर कौर की शादी वर्ष 1976 में हुई थी। उस पर कानूनी मोहर आज 18 जनवरी 2014 को अमर उजाला की ओर से सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में आयोजित कैंप में लगी।
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सिंह दंपति ने मैरिज रजिस्ट्रेशन कराने के बाद नयापन महसूस किया। बोले, जब शादी हुई थी तब पंजीकरण के बारे में सोचा भी नहीं था। बच्चे विदेश में रहने लगे तो सर्टिफिकेट की जरुरत पड़ने लगी।

इसके बिना न तो पासपोर्ट मिल सकता था, न वीजा। अमर उजाला का आभार जताते हुए बोले, कैंप लगा तो बेटी से मिलने की आस जग गई। बस यहां पहुंचे और एक ही दिन में मैरिज सर्टिफिकेट भी मिल गया।
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बताया कि बेटी सिमरन डोरा हमेशा उन्हें बुलाती है और हर बार सर्टिफिकेट न होने की शिकायत करती है। अब उसे फोन कर बताएंगे तो वह बहुत खुश होगी।

सर्टिफिकेट मिला तो बोले थैंक यू अमर उजाला
कैंप में लोग सर्टिफिकेट मिलने के बाद बोल पड़े थैंक यू अमर उजाला। कई जोड़े छोटे-छोटे बच्चों को गोद में लिए कैंप में पहुंचे थे।

गुरुद्वारा कॉलोनी क्लेमेंटटाउन निवासी अमरदीप और दीपा, यमुना कॉलोनी के पुनीत कुमार और वंदना, गढ़ी कैंट के गौरव थापा और रेणुका, क्लेमेंटाउन के तिलकराज सिंह और सपना, शिमला बाईपास के रवींद्र और शिखा तथा जाखन कैनाल रोड के रहने वाले भोजराज शर्मा और शालिनी कैंप में रजिस्ट्रेशन कराने पहुंचे थे।

इन सबकी शादी डेढ़ साल के अंदर हुई थी। उनका कहना था कि कैंप लगने से रजिस्ट्रेशन कराने में आसानी हुई।
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