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खेत बहे, रास्ते गायब, दून से कटा दर्जनों गांवों का संपर्क  

Sat, 02 Jul 2016 10:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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भूस्खलन से कई इलाकों का संपर्क कट गया है। - फोटो : अमरउजाला
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बृहस्पतिवार रात और शुक्रवार सुबह हुई बारिश से दर्जनों गांवों का संपर्क देहरादून से कट गया। कई मार्ग जहां बिल्कुल गायब हो गए, वहीं भूस्खलन ने कई मार्गों को पूरी तरह से बाधित कर दिया है। बारिश से खेती को भी नुकसान हुआ है। कई गांवों में नकदी फसल तबाह हो गई हैं। देहरादून मंडी आने वाले वाहन मार्गों में खड़े हैं और भूस्खलन की वजह से उनके जल्द आने की संभावना भी नहीं है। वहीं नगर में भी कई घरों में जलभराव की सूचना है।
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मालदेवता से ऊपरी कई गांवों में सड़कें जहां सिरे से बह गईं, वहीं फसल को भी नुकसान हुआ है। आवागमन बाधित होने से लोग परेशान हैं। साथ ही, सब्जियों के कई वाहन रास्ते में ही रुके हैं। फुलैत, क्यारा, सिल्ला, भैखरीखाल, जमठियाल गांव, भगद्वारीखाल के आगे का मार्ग पूरी तरह से तबाह हो गया है। नगर को इन गांवों से जोड़ने वाला यह एकमात्र मार्ग है।

क्षेत्र के निवासी महादेव भट्ट, कुंदन सिंह रावत, विजेंद्र सिंह, जित्ती रावत, जीएस रावत, सोमवारी लाल डोभाल, रोशन लाल डबराल, भगवती प्रसाद मिश्रा, श्याम सुंदर मिश्रा ने बताया कि बारिश से मालदेवता के ऊपरी गांवों को काफी नुकसान हुआ है। कई जगह भूस्खलन हुआ है।
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अदरक, बींस और धनिया की फसलें हुई तबाह

भूस्खलन से बंद मार्ग से मलबा हटती जेसीबी - फोटो : अमरउजाला
कई कुंतल मलबा मार्गों पर पड़ा है। क्यारा निवासी महादेव भट्ट और कुंदन सिंह रावत का कहना है कि अदरक, बींस, धनिया समेत तमाम नकदी फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों ने कुछ नगदी फसलें निकालकर रखी हुई थी। मूसलाधार बारिश से फसलों की तबाही हो गई।

सिल्ला निवासी बृजमोहन नौटियाल का कहना है कि सिल्ला में भी मूसलाधार से नुकसान हुआ है। मदन लाल नौटियाल, सोहनलाल नौटियाल ने बताया कि अधिकतर किसान नकदी फसल उगाते हैं। अब वे माल देहरादून मंडी तक नहीं ले जा पा रहे हैं। तेज बारिश की वजह से भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है।

फुलैत निवासी रमेश ममंगाई, उदय ममंगाई, महादेव शंकर ममगाई, श्री कृष्ण सिंह रावत, जयवीर बिष्ट, शुभकर्म नेगी का कहना है कि फुलैत में खेत और रास्ते के साथ ही मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। मालूम हो कि इस पूरे क्षेत्र में एक तरफ ऊंची-ऊंची पहाड़ियां हैं तो दूसरी तरफ बांदल नदी। अधिकतर मार्ग भी बेहद संकरा है। ये गांव बुराशखंडा, धनौल्टी व सुवाखोली तक मिलते हैं। 
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पंडितवाड़ी के कई घरों में हुआ जलभराव 

उत्तराखंड के कई इलाकों में भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। - फोटो : अमरउजाला
बारिश से पंडितवाड़ी के कई घरों में जलभराव हो गया। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। पंडितवाड़ी के गरतावाला (सिद्धार्थ अपार्टमेंट) के सामने कालोनी में घरों में पानी भर गया। यहां पर रहने वाले अमरजीत सिंह का कहना है कि नाली बंद होने के कारण घरों में पानी भर जाता है। नगर निगम, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग को चाहिए कि वे जल्द कार्यवाही कर जलभराव की समस्या से मुक्ति दिलाएं। कुंदनलाल, रामदास, शैलेंद्र कुमार, विजय कुमार का कहना था कि जलभराव के कारण दिनभर परेशानी रही। 

ग्रामीणों ने जताया अमर उजाला का आभार
कैरवान-आमासारी गांवों में बारिश के बाद हुई तबाही का समाचार अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद ही प्रशासन को होश आया। जेसीबी व श्रमिकों की मदद से भूस्खलन को हटाया गया। ग्रामीणों ने इसके लिए अमर उजाला का आभार जताया। पदम सिंह रमोला, एसएन लखेड़ा, तेजराम रमोला, आशीष सेमवाल, राहुल इंदरवाल ने बताया कि ठेकेदार और लोक निर्माण विभाग के कारण गांव का मार्ग बह गया। साथ ही, भूस्खलन भी हुआ। हमने प्रशासन को सूचित किया लेकिन विधायक को छोड़कर कोई नहीं पहुंचा। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन जागा। जेसीबी से मलबा हटाया गया।
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