रस में पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व मौजूद
शोध में तने के रस की मिठास औसतन 31 डिग्री ब्रिक्स पाई गई। इसका अर्थ यह कि 100 ग्राम रस में 31 ग्राम सुक्रोज घुला हुआ है। इसके अलावा एंटी ऑक्सीडेंट और मेटाबोलाइट की मात्रा 0.11 से 0.49 मिलीग्राम तक है। इस रस में पोटैशियम, सोडियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक, तांबा, आयरन, मैंगेनीज समेत अन्य पोषक तत्व भी मौजूद हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, ये प्राकृतिक एंटी ऑक्सीडेंट तनाव के हानिकारक प्रभाव को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जो मानव स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि मंडुवे के तने के रस में पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व मौजूद हैं। भविष्य में तने के रस से मूल्य वर्धित उत्पाद बनाने की शोधपरक रणनीति बनाई जा सकती है।
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एसपी नौटियाल ने उठाया था शोध का मामला
राज्य कर विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी एसपी नौटियाल ने मार्च 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर मंडुवे के तने के रस पर शोध करने का आग्रह किया था। जब मंडुवे के पौधे पर बालियां निकलनी शुरू होती हैं, तो उस समय हरे तने में मिठास रस होता है। गांवों में लोग गन्ने की तरह मंडुवे के तने को स्वाद लेते हैं, लेकिन आज तक इस पर कोई शोध नहीं हुआ है। नौटियाल की इस पहल के बाद भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने शोध किया।