गौतम सपकोटा, पहली नजर में इस युवक में कुछ अलग नहीं दिखता। लेकिन बातचीत शुरू होते ही साफ हो जाता है कि गौतम आम नहीं हैं। उनके गले में 250 पक्षियों की आवाज बसती है।
कौआ, कोयल, मोर, जंगली मुर्गा, बतख, टिटहरी, लव बर्ड्स, मैना... फेहरिस्त लंबी है, लेकिन शायद ही कोई पंछी हो जिसकी आवाज गौतम न निकाल पाते हों।
अब तक नेपाल और भारत समेत मलयेशिया, दुबई, सिंगापुर, हांगकांग समेत कई देशों में 4500 से अधिक कार्यक्रम पेश कर चुके गौतम इन दिनों दून में हैं। गौतम कहते हैं कि कुछ दिन उत्तराखंड में रहकर, स्कूल-कालेजों में कार्यक्रम पेश कर वह सेव बर्ड, सेव इनवायर्नमेंट का संदेश देना चाहते हैं।
टीवी ने दी प्रेरणा
नेपाल निवासी गौतम ने बताया कि वर्ष 2005 में एक टीवी शो उन्होंने देखा, जिसमें लोग अलग-अलग आवाजें निकालने का हुनर दिखा रहे थे। कोई रेलगाड़ियों की आवाज निकालता तो कोई बस, ट्रक, कार की। इनमें एक भी पक्षियों की आवाज निकालने वाला नहीं था। बस तभी से धुन सवार हो गई।