देहरादून के फुलसनी और बाजावाला की जनता के लिए आतंक का पर्याय बनी आदमखोर का शुक्रवार शाम अंत हो गया। शाम 5:40 बजे जैसे ही गुलदार शिकारियों के मचान के पास बंधी बकरी को दबोचने आई तभी शिकारियों ने उस पर फायर झोंक दिए।
शिकारियों की चार में से तीन गोलियां लगते ही आदमखोर मौके पर ही ढेर हो गई। मारी गई मादा गुलदार की उम्र करीब छह साल बतायी जा रही है।
एक सप्ताह पहले 16 जनवरी को शुक्रवार शाम करीब 5:45 बजे फुलसनी के खाली प्लाट में झोपड़ी बनाकर रहने वाले कर्ण सिंह के दस साल के बच्चे कृष्ण को गुलदार उठा ले गया था। अगले दिन जंगल की झाड़ियों में मासूम का अधखाया शव मिला था।
इसके बाद से वन विभाग ने गुलदार को आदमखोर घोषित करके देखते ही गोली मारने के आदेश दिए थे। साथ ही मौके पर मुरादाबाद के कुंवर संजय सिंह के नेतृत्व में शिकारियों के दल को तैनात कर दिया था।