उत्तराखंड की भगवानपुर सीट से नवनिर्वाचित विधायक ममता राकेश जीत के बाद मंत्री पद की दावेदारी कर रही थीं लेकिन विधानसभा सदस्य की शपथ लेने के बाद अब सीएम और आलाकमान की बात करने लगीं। हालांकि बाद में उन्होंने यह भी कहा कि जनता ने मुझे मंत्री बनाने के लिए जिताया है।
वहीं मंत्रिमंडल विस्तार पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस में ऐसे फैसले आलाकमान की ओर से लिए जाते हैं। इस संबंध में जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष के साथ केंद्रीय नेतृत्व के पास जाएंगे।
विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में शुक्रवार को अपने कक्ष में ममता को विधानसभा सदस्य की शपथ दिलाई। कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह राकेश के निधन के बाद उनकी पत्नी ममता राकेश भगवानपुर से ही विधायक चुनी गई हैं।
शपथ लेते ही पूर्ण बहुमत में पहुंची कांग्रेस
ममता कांग्रेस की 36 वीं विधायक हैं, जिनके शपथ लेते ही कांग्रेस पूर्ण बहुमत में आ गई। शपथ ग्रहण के बाद मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।
ममता को अपने मंत्रिमंडल में स्थान देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह केंद्रीय नेतृत्व ही तय करता है। वहीं ममता राकेश ने कहा कि मंत्री पद पर फैसला सीएम और आलाकमान को ही लेना है।
इस मौके पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृदयेश, मंत्री प्रीतम सिंह सहित कई कांग्रेसी और ममता समर्थक उपस्थित थे।
बोली ममता
वह कांग्रेस की विधायक हैं ऐसे में सीएम हरीश और केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार कार्य करेंगी।
-ममता राकेश, विधायक
समारोह के दौरान की झलकियां
-शपथ के बाद ममता को एक ब्रीफकेस दिए जाने पर सीएम ने कहा लगता है इसमें माल भरा है। तब किसी ने कहा कि नियमावली है तो सीएम हंसकर बोले हमने सोचा कोई नई परंपरा है।
-ममता राकेश ने एक फाइल निकाली, जिसमें से दो तीन अर्जियां सीएम को दी। सीएम बोले, वाह! शपथ लेते ही जनता के काम शुरू। अरे, पहली बार काम कहा है यह तो निश्चित तौर पर होगा।
-विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में 15-20 लोगों के बैठने की ही जगह है, लेकिन शपथ ग्रहण समारोह में वहां सौ से ज्यादा लोग थे। बड़ी मुश्किल से सीएम अंदर पहुंचे वहीं कई कांग्रेसी नेता अंदर भी नहीं पहुंच पाए।