पति और कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र राकेश के निधन के बाद खाली हुई भगवानपुर सीट पर हुए उपचुनाव में प्रचंड सहानुभूति लहर पर सवार उनकी पत्नी ममता राकेश ने भाजपा उम्मीदवार राजपाल सिंह को 36 हजार से ज्यादा वोटों से शिकस्त देकर रिकॉर्डतोड़ जीत दर्ज की।
ममता को सत्ताधारी कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया था। जीत के बाद मतदाताओं का आभार जताते समय भावुक हुई ममता की आंखों से कई बार आंसुओं की धार उमड़ पड़ी। ऐतिहासिक जीत से उत्साहित ममता ने इसका श्रेय अपने पति के कार्यों को देते हुए खुद को मंत्री पद का दावेदार भी बताया।
बुधवार सुबह आठ बजे मतगणना शुरू होते ही ममता ने एक बार जो बढ़त बनाई वह 11 चक्रों की गणना तक बढ़ती ही गई। सभी राउंड में तीन हजार से अधिक वोट ममता को पड़े।
पति की कुर्सी पर जताया अपना दावा
ममता को 59,205 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी राजपाल सिंह को 22,296 वोट मिले। ममता की जीत का अंतर 36,909 वोटों का रहा। चुनाव में कुल 82,842 वैध वोट पड़े।
नोटा तीसरे नंबर पर
हैरतअंगेज बात यह रही कि साफ-साफ द्विकोणीय मुकाबले में तीसरा स्थान नोटा का रहा। जिसके खाते में 501 वोट रहे। अन्य प्रत्याशियों में गुरमेल सिंह को 211, दर्शना देवी राठौर को 221, दीपक सूर्या को 139, प्रीतम सिंह को 269 वोट मिले।
ममता का दावा
मेरे पति दिवंगत सुरेंद्र राकेश सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। उन्होंने प्रदेश सरकार बनाने के लिए सहयोग किया। अब मैं कांग्रेस की विधायक बन गई हूं। मुझे मंत्री पद मिलना चाहिए।
-ममता राकेश (भगवानपुर से विजयी उम्मीदवार)