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विधानसभा चुनाव में नोटबंदी कनेक्शन पर शंकराचार्य का बड़ा बयान

Thu, 05 Jan 2017 08:14 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, हरिद्वार
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स्वामी स्वरूपानंद - फोटो : ANI
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शारदा और ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने पांच राज्यों के चुनाव में नोटबंदी के कनेक्शन को लेकर बड़ा बयान दिया है। कहा कि यदि भाजपा को बहुमत मिलता है तो इसे नोटबंदी पर मुहर नहीं माना जाएगा। अन्य दलों की घोर कमजोरी के चलते विकल्पहीनता की स्थिति में जनता को पशोपेश में फंसी हुई है। उन्होंने कहा कि कैशलेस व्यवस्था अनिवार्य रूप से नहीं अपितु वैकल्पिक रूप से जारी की जानी चाहिए।
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हरिद्वार के कनखल स्थित शंकराचार्य मठ से जगद्गुरु का बयान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जारी किया। काशी के विद्यामठ से बयान जारी करते हुए ज्योतिष पीठाधीश्वर ने कहा कि नोटबंदी वास्तव में मनुष्य की स्वतंत्रता का हनन है।

इससे धर्म क्षेत्र की भी हानि हुई है और यज्ञ, दान तथा तीर्थाटन पर प्रभाव पड़ा है। व्यक्ति अपना धन मन इच्छा से खर्च नहीं कर पा रहा है। तीर्थाटन प्रभावित होने का असर देश के तमाम तीर्थों पर पड़ा है।
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कैशलेस व्ववस्था लंबे समय तक ठीक नहीं

स्वामी स्वरूपानंद
उन्होंने कहा कि भारत की जनता परलोक में विश्वास रखती है और परलोक बिगाडने वालों को अच्छा नहीं मानती। उन्होंने कहा कि भारत जैसे समस्याग्रस्त देश के लिए कैशलेस व्यवस्था लंबे समय तक ठीक नहीं रहेगी।

इसका प्रचलन मात्र वैकल्पिक रूप में होना चाहिए। जनता की आर्थिक स्वतंत्रता छीनने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती।

जगद्गुरु ने कहा कि दंड शास्त्र का सर्वभौम सिद्धांत है कि चाहे सौ अपराधी बच जाएं, किंतु एक निर्दोष को सजा नहीं मिलनी चाहिए। नोटबंदी का उल्टा प्रभाव देखने में आया है।
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परिणाम नोटबंदी पर जनमत नहीं

शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती - फोटो : pti
कालेधन के अपराधी को पकडने के लिए देश भर को सजा दे दी गई है। आश्चर्य की बात है कि एक भी अपराधी पकड़ में नहीं आया। शंकराचार्य ने अनेक उदाहरणों से बताया कि किस प्रकार जनता परेशान हुई है।

उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राजनीतिक दलों में सशक्त नेतृत्व का अभाव है। ऐसे में यदि चुनाव परिणाम भाजपा के पक्ष में भी आएं तो इसे नोटबंदी पर जनमत नहीं कहा जा सकता है।
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