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Narendra Giri Suicide Case: उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा- महंत नरेंद्र गिरी की मौत की जांच के लिए सरकार प्रतिबद्ध

Wed, 22 Sep 2021 01:17 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की मौत के मामले में सरकार हर तरह की जांच को तैयार है।
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महंत नरेंद्र गिरी आत्महत्या मामला: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जरूरत हो तो महंत नरेंद्र गिरी की मौत की सीबीआई जांच भी की जाएगी। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की मौत के मामले में सरकार हर तरह की जांच को तैयार है।

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नरेंद्र गिरि: ...जब कुंभ को सांकेतिक कराने पर झेली थी संतों की नाराजगी, संक्रमित होने के बाद नहीं कर पाए थे शाही स्नान

नरेंद्र गिरी महाराज की मृत्यु बेहद दुख का विषय
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी महाराज की मृत्यु बेहद दुख का विषय है। साथ ही इसकी जांच भी पुख्ता होना चाहिए। उनकी सरकार के स्तर से जांच को लेकर जो भी जरूरी कदम और यूपी पुलिस को सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत हो तो मामले की सीबीआई जांच भी होनी चाहिए।
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जरूरत हो तो मामले की सीबीआई जांच भी होनी चाहिए

वहीं चारधाम यात्रा शुरू होने के साथ ही जीएमवीएन और केएमवीएन में कर्मचारियों की हड़ताल के सवाल पर मुख्यमंत्री ने अपील की है कि बमुश्किल यात्रा शुरू हुई है। प्रदेश के तमाम लोगों की रोजी रोटी इससे जुड़ी हुई है। लिहाजा, फिलहाल चारधाम यात्रा को चलने दें।

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सभी शाही स्नान कराने पर अड़ गए थे

कोरोना संक्रमण के साए में हुए महाकुंभ में सभी शाही स्नान कराने पर श्रीमहंत नरेंद्र गिरी अड़ गए थे। उनकी हठ के आगे सरकार की कम स्नान कराने की मंशा पर पानी फिर गया था। महाकुंभ 2021 पर एक साल पहले ही कोरोना का साया मंडराने लगा था। पिछले साल मार्च में कोरोना संक्रमण की पहली लहर के चलते महाकुंभ कराए जाने पर भी संशय खड़े होने लगे थे।

इस कारण करीब छह माह तक महाकुंभ के सभी निर्माण कार्य भी बंद रहे थे। कोरोना संक्रमण कम होने पर कुंभ का शुभारंभ हो गया था। सरकार की तरफ से महाकुंभ का नोटिफिकेशन एक अप्रैल से किया गया था, लेकिन इससे पहले एक शाही स्नान संतों ने कर लिया था।



अप्रैल में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर आने पर सरकार शाही स्नानों की संख्या करने की तैयारी करने लगी थी। लेकिन श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने सरकार की मंशा का विरोध किया था। उन्होंने साफ कहा था कि महाकुंभ में एक भी शाही स्नान कम नहीं होगा। सभी शाही स्नान संपन्न कराए जाएंगे। कोरोना संक्रमण की लहर के बाद भी अप्रैल में पड़ने वाले सभी स्नानों को कराया गया था।
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