कोरोना संक्रमण के साए में हुए महाकुंभ में सभी शाही स्नान कराने पर श्रीमहंत नरेंद्र गिरी अड़ गए थे। उनकी हठ के आगे सरकार की कम स्नान कराने की मंशा पर पानी फिर गया था। महाकुंभ 2021 पर एक साल पहले ही कोरोना का साया मंडराने लगा था। पिछले साल मार्च में कोरोना संक्रमण की पहली लहर के चलते महाकुंभ कराए जाने पर भी संशय खड़े होने लगे थे।
इस कारण करीब छह माह तक महाकुंभ के सभी निर्माण कार्य भी बंद रहे थे। कोरोना संक्रमण कम होने पर कुंभ का शुभारंभ हो गया था। सरकार की तरफ से महाकुंभ का नोटिफिकेशन एक अप्रैल से किया गया था, लेकिन इससे पहले एक शाही स्नान संतों ने कर लिया था।
अप्रैल में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर आने पर सरकार शाही स्नानों की संख्या करने की तैयारी करने लगी थी। लेकिन श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने सरकार की मंशा का विरोध किया था। उन्होंने साफ कहा था कि महाकुंभ में एक भी शाही स्नान कम नहीं होगा। सभी शाही स्नान संपन्न कराए जाएंगे। कोरोना संक्रमण की लहर के बाद भी अप्रैल में पड़ने वाले सभी स्नानों को कराया गया था।