परिषद की कार्यकारिणी हरिद्वार कुंभ के दौरान 2021 में बनी है। अखाड़ों की आमराय से ही अध्यक्ष से लेकर दूसरे पदाधिकारियों का चयन हुआ है। कार्यकारिणी पांच साल की होती है। इसमें प्रत्येक अखाड़े के दो-दो प्रतिनिधि अखाड़े के अध्यक्ष, महामंत्री और उपाध्यक्ष से लेकर महत्वपूर्ण पदाधिकारियों का चयन करते हैं। 13 अखाड़े हैं, लेकिन तीन बैरागी अखाड़ों ने कुंभ के दौरान नाराज होकर खुद को अखाड़ा परिषद से अलग होने की घोषणा कर दी थी।
युवा और पढ़ा लिखा हो अध्यक्ष
शंकराचार्य परिषद के अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप ने नए अध्यक्ष की ताजपोशी से पहले सोमवार को ट्वीट किया है। स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि अखाड़ा परिषद अध्यक्ष एवं महामंत्री इस बार युवा और पढ़ा लिखा हो।