श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की आत्महत्या की खबर सुनने के बाद हरकी पैड़ी क्षेत्र स्थित एक प्रसिद्ध व्यापारी का पुत्र निरंजनी अखाड़े पहुंचा था। बताया जा रहा है कि श्रीमहंत से व्यापारी के व्यक्तिगत संबंध थे।
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अखाड़ा परिषद की गोपनीय टीम कर रही जांच
जानकारी के अनुसार श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की मौत की जांच अखाड़ा परिषद ने भी शुरू कर दी है। परिषद ने एक गोपनीय टीम का गठन किया है, जो अध्यक्ष की मौत के कारणों की तलाश करेगी। अखाड़ा परिषद ने इस मामले में पांच सदस्यीय टीम बनाई है। प्रयास रहेगा कि रिपोर्ट षोडशी के दिन तक आ जाए।
महंत नरेंद्र गिरि के पत्र अखाड़े के पास
श्रीमहंत नरेंद्र गिरि के वायरल हुए कथित सुसाइड नोट को लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि का कहना है कि बीते 35 सालों में इतना तो महंत नरेंद्र गिरि को वो भी जानते हैं कि इतना लंबा सुसाइड नोट नहीं लिख सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अखाड़े के पास दस्तखत पहचानने की डिग्री तो नहीं है। महंत नरेंद्र गिरि के तमाम पत्र भी अखाड़े के पास हैं। इससे इतना समझ आ जाएगा कि महंत नरेंद्र गिरि की हैंड राइटिंग है कि नहीं। उन्होंने कहा कि महंत नरेंद्र गिरि हमेशा पत्र लिखवाते रहे हैं, अगर वो हमेशा पत्र लिखवाते रहे तो इस बार कैसे लिखा। इन्हीं कारणों की तलाश अखाड़ा परिषद की टीम करेगी।