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टपकेश्वर मंदिर के मुख्य महंत माया गिरी हुए ब्रह्मलीन, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, तस्वीरें

Mon, 15 Oct 2018 08:44 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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महंत मायागिरी
द्रोणनगरी के प्राचीनतम श्री टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत श्री श्री 108 माया गिरी महाराज (95) रविवार को ब्रह्मलीन हो गए। उन्होंने रविवार दोपहर लगभग 12 बजे पलटन बाजार स्थित जंगम शिवालय आश्रम में देह त्याग किया। बताया जा रहा है कि महाराज को दो साल पहले चोट लगी थी। इसके बाद से वे अस्वस्थ चल रहे थे। एक माह पहले ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली थी।

 
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1940 में वह साधु बने थे

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महंत मायागिरी
महंत मायागिरी के ब्रह्मलीन होने की खबर मिलते ही उनके अनुयायियों में शोक की लहर दौड़ गई। जंगम शिवालय आश्रम में उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया। इसके बाद टपकेश्वर मंदिर तक महाराज की अंतिम यात्रा निकाली गई, जहां उन्हें भू-समाधि दी गई। महंत श्री श्री 108 माया गिरी महाराज मूलरूप से मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के रहने वाले थे। उनका जन्म वर्ष 1923 में हुआ था। 1940 में वे सन्यास लेकर साधु परंपरा से जुड़ गए।
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महंत मायागिरी
दो वर्ष बाद वे वर्ष 1942 में दून आए और वर्ष 1976 में महंत नारायण गिरी के ब्रह्मलीन होने के बाद टपकेश्वर मंदिर के महंत बने। इसके अलावा वे श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के महंत और सचिव पदों पर भी रहे। साथ ही महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश अखाड़ा प्रभारी भी रहे। महंत श्री श्री 108 माया गिरी महाराज के शिष्य कृष्ण गिरी महाराज ने बताया कि महाराज बेहद विनम्र और सरल स्वभाव के थे। उन्होंने गो सेवा के साथ ही कई सामाजिक सेवाओं के लिए भी कार्य किया। दो वर्ष पहले कूल्हे में चोट लगने के बाद से महाराज बीमार चल रहे थे। एक माह पहले लीवर में संक्रमण होने के बाद उन्हें बल्लूपुर चौक स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा कि महाराज के जाने से बहुत बड़ी क्षति हुई है। 

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महंत मायागिरी की अंतिम यात्रा में शामिल भक्त
श्री टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत श्री श्री 108 माया गिरी महाराज को गाजे बाजे के साथ अंतिम विदाई दी गई। पल्टन बाजार स्थित जंगम शिवालय मंदिर आश्रम से जैसे ही महाराज की अंतिम यात्रा निकली बड़ी संख्या में शहरवासी रोते हुए पीछे-पीछे चल पड़े। अंतिम यात्रा के दौरान बैंड बाजे के बीच भजन गा कर महाराज को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। इसके अलावा अंतिम यात्रा के दौरान जगह-जगह पर लोगाें ने फूलों की वर्षा की। अंतिम यात्रा आश्रम जंगम शिवालय, पलटन बाजार, धामावाला बाजार, हनुमान चौक, तिलक रोड, दून स्कूल, गढ़ी कैंट, टपकेश्वर कॉलोनी होते हुए पौराणिक टपकेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। अंतिम यात्रा में दून के तमाम मंदिरों के महंत और पुजारी समेत बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल रहे। इसके बाद भू-समाधि के दौरान महाराज के दर्शन के लिए अनुयायियों का तांता लगा रहा। 
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महंत 108 माया गिरी - फोटो : फाइल फोटो
महंत श्री श्री 108 माया गिरी महाराज के महानिर्वाण के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट कर महराज को श्रद्धांजलि दी। ट्वीटर पर सीएम ने लिखा कि श्री टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत श्री श्री 108 परम पूज्य माया गिरी जी महाराज के ब्रह्मलीन होने से दुख पहुंचा है। प्रभु श्री मायागिरी जी की आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें। महानिर्वाणी अखाड़ा के सचिव और पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर के महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि माया गिरी महाराज के जाने के बाद उनके उत्तराधिकारी कृष्ण गिरी महाराज होंगे। वे लंबे समय से माया गिरी महाराज के सानिध्य में रह चुके हैं। अब वही टपकेश्वर मंदिर की जिम्मेदारी संभालेंगे।
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