कुंभ मेले में अस्थाई टेलीकॉम की सुविधा को लेकर उप मेलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में टेलीकॉम से जुड़े अधिकारियों की बैठक हुई। अंशुल सिंह ने मेला एवं स्नान पर्वों पर संचार सेवाओं की क्षमता बढ़ाए जाने को लेकर अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। उप मेलाधिकारी ने कहा कि अगर टावर लगाने के लिए सक्षम अधिकारी के स्तर से स्वीकृति है तो टावर लगाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। टेलीकॉम की क्षमता बढ़ाने के लिए नए टावर लगाए जाएंगे।
मेला नियंत्रण भवन में आयोजित बैठक में उप मेलाधिकारी ने अधिकारियों से पूछा कि कुंभ में कहां-कहां टावर स्थापित हो सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि उनका उद्देश्य निर्बाध रूप से संचार सुविधाएं उपलब्ध कराना है। कुंभ के मद्देनजर वर्तमान क्षमता बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों ने खुदाई कर अंडर ग्राउंड केबिल डालने की बात उठाई, लेकिन उप मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ निकट है। लिहाजा खुदाई की इजाजत नहीं दी जा सकती है।
टेलीकॉम अधिकारियों ने बताया कि किन्हीं विवादों के चलते 10 टावर सीज किए हुए हैं। कई लोग रेडिएशन का हवाला देते हुए टावर नहीं लगने देते हैं, जबकि टावर स्थापित करने की स्वीकृति मिली हुई है। उप मेलाधिकारी ने कहा कि टावर लगाने की सक्षम अधिकारी के स्तर से स्वीकृति है तो किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। अंशुल सिंह ने अधिकारियों से कुल टावरों की संख्या, इनमें सीज और एक्टिव की लिस्ट तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस अवसर पर टेलीकॉम एक्सपर्ट सुयश चतुर्वेदी के अलावा एयरटेल, वोडाफोन, रिलायंस जीओ, बीएसएनएल के अधिकारीगण उपस्थित रहे।