हरिद्वार में सीतापुर रेलवे ट्रैक के आसपास रातभर रेडियो कॉलर किया गया एक हाथी घूमता रहा। गनीमत यह रही कि न तो हाथी को कोई नुकसान पहुंचा और न ही उसने किसी को हानि पहुंचाई, हालांकि खेतों में खड़े गन्ने को हाथी खाता रहा।
गंगा पार करके हाथियों के झुंड खेतों में पहुंचकर किसानों के गन्ने को खाने के लिए पहुंचते रहते हैं, जिससे किसान भी हाथियों से परेशान रहते हैं। रविवार की रात रेडियो कॉलर किए गए एक हाथी की लोकेशन जब सीतापुर रेलवे ट्रैक के आसपास पाई गई तो वन विभाग के हाथ पांव फूल गए। सूचना मिलने पर आधी रात में लगभग एक बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।
हाथी की लोकेशन पर टीम नजर रखे रही, लेकिन हाथी किसानों के खेतों में घुसकर गन्ना खाता रहा। जिस क्षेत्र में वह विचरण कर रहा था उसी क्षेत्र में हाल ही में चार युवकों की ट्रेन से कटकर मौत हो चुकी है। वहीं, 2019 में दो नर हाथी भी ट्रेन की चपेट में आकर इसी ट्रैक पर अपनी जान गंवा चुके हैं। इसको देखते हुए रातभर सर्दी के मौसम में भी वन विभाग के पसीने छूटे रहे, लेकिन अलसुबह चार बजे के बाद हाथी को बामुश्किल जंगल में वापस भेजा गया।
तब जाकर वन विभाग के अधिकारियों ने राहत महसूस की। हरिद्वार रेंजर दिनेश प्रसाद नौड़ियाल का कहना है कि हाथी अकेला था। इसलिए उसके उत्पात मचाने का खतरा बना हुआ था, लेकिन उसने ऐसा कुछ नहीं किया, उसे सुरक्षित वापस जंगल में खदेड़ दिया गया।